पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों की हाईकोर्ट पर नजर, 42% DA पर अटका मामला; 17 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी

Jul 2, 2026 - 10:44
 0  9
पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों की हाईकोर्ट पर नजर, 42% DA पर अटका मामला; 17 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी

चंडीगढ़ 
पंजाब के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए आज का दिन अहम रहने वाला है। लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और पे-कमिशन एरियर के मामले में आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच सुनवाई करेगी। इस सुनवाई पर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की नजर। 

बुधवार को हाईकोर्ट की छुट्टियों के बाद पहले दिन भी मामला सूचीबद्ध था, लेकिन देर शाम सुनवाई होने के कारण सरकार की ओर से ही पक्ष रखा जा सका। अब आज कर्मचारी संगठनों की दलीलें भी सुनी जाएंगी, जिसके बाद अदालत आगे का फैसला करेगी।

सिंगल बेंच ने 30 जून तक भुगतान का दिया था आदेश
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 8 अप्रैल को पंजाब सरकार को 30 जून तक लंबित डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को सरकार ने डबल बेंच में चुनौती दी। डबल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक नहीं लगाई, लेकिन सरकार से सीलबंद लिफाफे में भुगतान की योजना मांगी थी।

अब गुरुवार की सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि सरकार ने बकाया डीए के भुगतान के लिए क्या रोडमैप तैयार किया है। सरकार किस्तों में भुगतान का प्रस्ताव रखती है या वित्तीय स्थिति का हवाला देकर और समय मांगती है, इस पर फैसला निर्भर करेगा।

केंद्र से 18% पीछे पंजाब के कर्मचारी
फिलहाल पंजाब के कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 18 प्रतिशत डीए अभी भी लंबित है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस अंतर को समाप्त करने और बकाया राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारी संगठनों की ओर से पेश वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि महंगाई भत्ता कोई बोनस या अनुग्रह राशि नहीं, बल्कि कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा है। इसी आधार पर कर्मचारी बकाया डीए के भुगतान की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारी संगठनों हो रहे लामबंद
कर्मचारी संगठनों ने पहले ही सरकार को चेतावनी दी है कि यदि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती और भुगतान को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं आता, तो 17 जुलाई को पंजाब में महारैली और महाबंद का ऐलान किया जा सकता है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या करीब 40 लाख लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में इस मुद्दे का राजनीतिक असर भी आगामी समय में देखने को मिल सकता है।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0