बालाघाट में 13 वर्षीय छात्रा ने दिया बच्ची को जन्म, हॉस्टल अधीक्षिका निलंबित, आरोपी गिरफ्तार

Jan 31, 2026 - 09:44
 0  16
बालाघाट में 13 वर्षीय छात्रा ने दिया बच्ची को जन्म, हॉस्टल अधीक्षिका निलंबित, आरोपी गिरफ्तार

बालाघाट
 जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही आठवीं कक्षा की साढ़े 13 वर्षीय नाबालिग के मां बनने की खबर ने छात्रावास में बच्चियों के स्वास्थ्य परीक्षण की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल चौकी से जानकारी मिलने के बाद महिला थाना ने मामले में कार्यवाही करते हुए अग्रिम कार्यवाही के लिए गढ़ी थाना को जानकारी भिजवा दी है।

नाबालिग आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया

जानकारी के अनुसार, नाबालिग को मां बनाने वाले नाबालिग आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसे शनिवार को किशोर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं इस मामले में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने बैहर विकासखंड अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ की छात्रावास अधीक्षिका प्राथमिक शिक्षक चैनबती सैयाम को अपने कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दरअसल, गढ़ी थाना क्षेत्र के परसामऊ आवासीय छात्रावास में रहकर नाबालिग पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसके गर्भवती होने और एक बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया है।

जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित

यह आवासीय छात्रावास जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित होता है। जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी जीपी बर्मन ने इस मामले में हॉस्टल वार्डन और एएनएम की लापरवाही स्वीकार करते हुए बताया कि आठवीं कक्षा में पढ़ रही पीड़ित छात्रा की तबीयत ठीक नहीं रहती थी तथा वह ज्यादातर समय अपने घर पर ही रहती थी। पुलिस में दिए बयान के अनुसार पीड़ित छात्रा के उसी गांव के किसी व्यक्ति से शारीरिक संबंध थे।

महिला थाना प्रभारी किरण वरकड़े ने बताया कि अस्पताल चौकी से जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर प्रारंभिक कार्यवाही की गई और आगे की कार्यवाही गढ़ी थाना पुलिस द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

अधिकारियों का क्या कहना है

इधर मामले के सामने आने के बाद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ की कक्षा आठवीं की बच्ची के गर्भवती होने और बच्ची को जन्म देने के मामले में प्रथम दृष्टया पाया गया कि छात्रावास अधीक्षिका द्वारा पीड़ित छात्रा के स्वास्थ्य में परिवर्तन होने पर कोई संवेदना नहीं दिखाई गई और न ही छात्रा का पृथक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। अधीक्षिका द्वारा छात्रा के बार-बार छात्रावास से अनुपस्थित रहने तथा उसके स्वास्थ्य को लेकर पालकों से संपर्क भी नहीं किया गया। अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति बरती गई इस लापरवाही के चलते अधीक्षिका चैनबती सैयाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0