रांची सदर अस्पताल में बनेगा 200 बेड का सुपर स्पेशियलिटी विंग, मरीजों को अब मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

Apr 10, 2026 - 11:14
 0  9
रांची सदर अस्पताल में बनेगा 200 बेड का सुपर स्पेशियलिटी विंग, मरीजों को अब मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

 रांची

 राजधानी रांची के सदर अस्पताल में मरीजों को अब विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो गया है. स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सदर अस्पताल में 200 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी विंग स्थापित किया जाएगा. इसके लिए जमीन का चयन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का निर्देश दिया गया है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना रहा.

कैंसर मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं और रेडिएशन बंकर
झारखंड में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित ‘डे-केयर यूनिट’ बनाई जाए. इसके साथ ही, रेडिएशन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष बंकरों का निर्माण भी किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों को राज्य से बाहर या महंगे निजी अस्पतालों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उचित चिकित्सा और देखभाल मिल सके.


आईपीएचएस मानकों के आधार पर अस्पतालों का उन्नयन
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी सदर अस्पतालों का विकास इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किया जाएगा. इसके तहत अस्पतालों की बेड क्षमता बढ़ाई जाएगी और वहां अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य सचिव ने बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर में संशोधन कर उन्हें पुन: प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के जीर्णोद्धार (Renovation) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है.

मानव संसाधन विकास और नामकुम में प्रशिक्षण केंद्र
अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. रांची के नामकुम में 500 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर चर्चा की गई है. स्वास्थ्य सचिव ने एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी और गहन चिकित्सा (ICU) सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने निर्देश दिया है कि इन सेवाओं के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जीवन रक्षक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0