नींबू-पानी की रेहड़ी लगाने वाला बना करोड़पति, 782 करोड़ के गबन मामले में पूछताछ से होंगे कई बेनकाब, निगम के दो अधिकारी सस्पेंड

Mar 16, 2026 - 12:44
 0  7
नींबू-पानी की रेहड़ी लगाने वाला बना करोड़पति, 782 करोड़ के गबन मामले में पूछताछ से होंगे कई बेनकाब, निगम के दो अधिकारी सस्पेंड

चंडीगढ़ 

चंडीगढ़ और हरियाणा में 782 करोड़ रुपए के गबन का मास्टरमाइंड विक्रम वधावा सेक्टर-19 स्थित शराब ठेके के सामने नींबू-पानी की रेहड़ी लगाता था। धीरे-धीरे उसने शहर के कई कारोबारियों, बिल्डरों और ब्यूरोक्रेट्स से संबंध बना लिए, जिसके बाद वह करोड़पति बन गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पास चंडीगढ़ के सेक्टर-33 और सेक्टर-36 में करोड़ों रुपए की कोठियां हैं। इसके अलावा मोहाली के खरड़ क्षेत्र में उसने प्रिज्मा रेजीडेंसी एलएलपी के नाम से एक हाउसिंग सोसाइटी भी विकसित की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा निवेश रिभव ऋषि की ओर से किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कई ब्यूरोक्रेट्स और कारोबारियों के नाम लिए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों के साथ विक्रम वधावा के क्या संबंध थे और किस तरह से इनसे काम करवाया जाता था। आरोपी वधावा से चंडीगढ़ पुलिस पूछताछ कर रही है।

लुकआउट सर्कुलर के बाद पकड़ा गया हरियाणा में 590 करोड़ रुपए के गबन में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने जब पूछताछ में विक्रम वधावा का नाम लिया तो वह रातों-रात चंडीगढ़ से शिमला भागकर वहां छिप गया था।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 27 फरवरी की रात वह प्राइवेट गाड़ी से शिमला पहुंचा और वहां दो दिन तक छिपा रहा। इसी दौरान उसने अपने खास लोगों के जरिए यह अफवाह भी फैलवा दी कि वह विदेश भाग सकता है, ताकि जांच एजेंसियों का ध्यान भटकाया जा सके। इसके बाद हरियाणा विजिलेंस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया।

LOC जारी होने के बाद विक्रम शिमला से आधी रात को निकलकर मोहाली पहुंच गया और वहां रिश्तेदारों व दोस्तों के यहां छिपता रहा। बाद में वह खरड़ के एक फ्लैट में पहुंचा, जहां चंडीगढ़ पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पत्नी और बच्चों के नाम भी अकाउंट प्राथमिक जांच में पता चला है कि विक्रम वधावा के चंडीगढ़ के चार प्राइवेट बैंकों में खाते हैं। इसके अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चों के नाम से भी अलग-अलग बैंक अकाउंट हैं। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि इन खातों में करोड़ों रुपए जमा हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने संबंधित बैंकों को खातों की पूरी जानकारी और स्टेटमेंट उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0