सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, प्रदेशभर के संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों रुपये जारी

Jun 2, 2026 - 08:44
 0  7
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, प्रदेशभर के संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों रुपये जारी

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, प्रदेशभर के संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों रुपये जारी

लमही में मुंशी प्रेमचंद संग्रहालय और फिरोजाबाद के ग्लास म्यूजियम कार्य में आएगी तेजी

संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय पहचान को नई ऊर्जा देने की दिशा में प्रयास जारी

किसी भी परियोजना में लापरवाही पाए जाने पर कार्यदायी संस्था पर होगी कठोर कार्रवाई- मंत्री जयवीर सिंह

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने संग्रहालयों के सुदृढ़ीकरण, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी कर प्रदेश के सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। वाराणसी, फिरोजाबाद, देवरिया, लखनऊ, झांसी और कुशीनगर में संचालित महत्वपूर्ण संग्रहालय परियोजनाओं को गति देते हुए सरकार ने इनके विकास और क्यूरेशन कार्यों के लिए पहली किश्त जारी कर दी है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता केवल विकास परियोजनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक संरक्षित और आधुनिक रूप में पहुंचाना भी है। इसी उद्देश्य से सभी कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में अधोमानक सामग्री या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

फिरोजाबाद ग्लास म्यूजियम के लिए 4.40 करोड़ रुपये
उन्होंने बताया कि साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की स्मृतियों को सहेजने के लिए वाराणसी के लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मृति संग्रहालय एवं पुस्तकालय के आंतरिक साज-सज्जा और क्यूरेशन कार्य के लिए 2.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं फिरोजाबाद में ग्लास म्यूजियम के क्यूरेशन कार्य के लिए 4.40 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।
देवरिया में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप राजकीय आस्थान पुरानी कचहरी परिसर में शहीद स्वर्गीय रामचंद्र विद्यार्थी स्मृति स्थल विकास, क्यूरेशन और आंतरिक साज-सज्जा के लिए 30 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह परियोजना क्षेत्र के ऐतिहासिक और राष्ट्रवादी गौरव को नई पहचान देगी।

राजधानी लखनऊ में भी राज्य संग्रहालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। संग्रहालय की चिल्ड्रेन गैलरी, विभिन्न गतिविधियों, वर्कशॉप और लैंडस्केप विकास के लिए लगभग 1.98 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। झांसी के राजकीय संग्रहालय के विकास और सुदृढ़ीकरण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा कुशीनगर के राजकीय बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इससे प्रदेश के बौद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही लखनऊ राज्य संग्रहालय परिसर में स्थित ओल्ड कोठी में कैफेटेरिया एवं कोठी के एक्सटेंशन भाग में नवनिर्मित लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 4.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा राज्य संग्रहालय लखनऊ भवन के बेसमेंट कक्षों के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिक स्टोरेज सिस्टम की स्थापना के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4.60 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है। इस परियोजना का कार्य प्रगति पर है। 

इसी प्रकार राज्य संग्रहालय लखनऊ परिसर में सीवर लाइन एवं रेन वाटर हारवेस्टिंग प्लांट एवं नलकूप बोरिंग स्थापना संबंधी कार्य के लिए 1.74 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। राज्य संग्रहालय लखनऊ में विदेशी मूर्ति कला, वीथिका की मूर्तियों को स्थानातंरित कर संग्रहालय परिसर में दूसरी जगह प्रदर्शित किए जाने के लिए 1.59 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है। इस परियोजना का कार्य 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0