सड़क के गड्ढे ने किया चमत्कार! मृत घोषित महिला की गाड़ी के झटके से लौट आई सांसें

Mar 11, 2026 - 14:14
 0  7
सड़क के गड्ढे ने किया चमत्कार! मृत घोषित महिला की गाड़ी के झटके से लौट आई सांसें

पीलीभीत
उत्तर प्रदेश के बरेली-पीलीभीत हाईवे पर एक ऐसी घटना घटी है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। अभी तक सड़क के गड्ढों के कारण लोगों की जान जाने की खबरें आती रहती थीं। यहां गड्ढे के कारण एक महिला की लगभग जा चुकी जान लौटी है। महिला को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित करते हुए कह दिया था कि कुछ घंटे की ही मेहमान हैं और घर के लिए डिस्चार्ज कर दिया था। गाड़ी से घर आते समय गड्ढे के कारण ऐसा झटका लगा कि उनकी सांसें चलने लगीं और शरीर में भी हलचल तेज हो गई। दोबारा परिवार वाले अस्पताल लेकर भागे। दस दिन चले इलाज के बाद अब महिला पूरी तरह स्वस्थ हैं।

क्या है पूरा मामला?
पीलीभीत की रहने वाली विनीता शुक्ला न्यायिक न्यायालय के कॉपी सेक्शन में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। 22 फरवरी की शाम घर का काम करते समय उन्होंने बीपी की दवा खाई। इसके बाद अचानक वह बेहोश हो गई। परिजन उन्हें तत्काल पीलीभीत के ही सरकारी अस्पताल लेकर गए। वहां से हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया गया। परिजन विनीता को लेकर बरेली के एक बड़े अस्पताल पहुंचे। वहां वेंटिलेटर पर रखने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ।

बरेली के अस्पताल में दो दिनों तक चले इलाज के बाद डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। डॉक्टरों का कहना था कि विनीता 'ब्रेन डेड' हो चुकी हैं और उनके शरीर में जीवन के कोई लक्षण नहीं हैं। 24 फरवरी को उन्हें 'नो होप ऑफ सर्वाइवल' (जीने की कोई उम्मीद नहीं) के साथ अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टरों ने कह दिया कि अब कुछ घंटे की ही मेहमान हैं।

गड्ढे ने किया 'चमत्कार'
विनीता के पति कुलदीप कुमार शुक्ला भारी मन से अपनी पत्नी को एम्बुलेंस में घर वापस ले जा रहे थे। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। कुलदीप के अनुसार, उनकी सांसें थम चुकी थीं और दिल की धड़कन न के बराबर थी। इसी दौरान बरेली-हरिद्वार हाईवे पर हाफिजगंज के पास एम्बुलेंस एक गड्ढे से गुजरी। गड्ढे के कारण एम्बुलेंस को जोरदार झटका लगा। कुलदीप बताते हैं, "उस झटके के अगले ही पल विनीता की सांसें अचानक सामान्य चलने लगीं। कुछ देर बाद एक और झटका लगा तो शरीर में भी कुछ हलचल हुई। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी घर पर फोन से दी और अंतिम संस्कार की तैयारी रोक दी गई।

मौत को मात देकर घर वापसी
विनीता के शरीर में हरकत देख पति उन्हें लेकर पीलीभीत के न्यूरो अस्पताल में पहुंचे। वहां इलाज शुरू हुआ तो धीरे-धीरे हाथ-पैर भी हिलने लगे। सांसें सामान्य होने लगीं। करीब दस दिन तक चले इलाज के बाद विनीता पूरी तरह स्वस्थ हो गईं और घर भी आ गई। वहां के न्यूरोसर्जन डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि जब विनीता को लाया गया था तो उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी, लेकिन गहन चिकित्सा के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। विनीता के इस तरह से मौत को मात देकर लौटने से एक तरफ परिवार वाले खुश हैं दो दूसरी तरफ चमत्कार ही मान रहे हैं। इस घटना के बाद चर्चा यह भी हो रही है कि कैसे एक दुर्घटना का कारण बनने वाला 'गड्ढा' किसी के लिए संजीवनी बन गया।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0