शंभू धमाके के आरोपी का साथी गिरफ्तार, तीन आतंकी घटनाओं का हुआ खुलासा

May 3, 2026 - 07:44
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शंभू धमाके के आरोपी का साथी गिरफ्तार, तीन आतंकी घटनाओं का हुआ खुलासा

 पटियाला/अमृतसर

पंजाब पुलिस ने शंभू रेलवे ट्रैक धमाके के मुख्य आरोपी जगरूप सिंह के करीबी साथी को गिरफ्तार कर तीन आतंकी घटनाओं का पर्दाफाश कर दिया है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह पांचवीं गिरफ्तारी है।  एसएसओसी अमृतसर, काउंटर इंटेलिजेंस पठानकोट और पटियाला पुलिस के संयुक्त अभियान में गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत को दबोचा गया। गुरदासपुर के धारीवाल ब्लॉक स्थित बिधिपुर निवासी यह आरोपी शंभू धमाके के दिन जगरूप के साथ मौजूद था। पकड़े जाने के डर से दोनों अलग-अलग राजपुरा गए थे। धमाके के समय गुरजिंदर ट्रैक से दूर था, जिससे वह बाल-बाल बच गया। जगरूप की मौत के बाद वह फरार हो गया।

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गुरजिंदर ने न केवल शंभू (27 अप्रैल 2026) बल्कि सरहिंद रेलवे ट्रैक धमाके (23 जनवरी 2026) और मोगा सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड हमले (27 नवंबर 2025) में भी सक्रिय भूमिका निभाई। डीजीपी के मुताबिक तीनों वारदातें एक ही आतंकी मॉड्यूल का कृत्य हैं।

ये हमले मलेशिया में बैठे हैंडलरों के इशारे पर किए गए, जो आगे अमेरिका और पाकिस्तान के हैंडलरों से जुड़े हुए हैं। आरोपियों का मकसद पंजाब में दोबारा उग्रवाद लाना और माहौल खराब करना था। पुलिस ने समय रहते इनकी धरपकड़ कर बड़ा नुकसान टाल दिया।

इस मामले में पहले ही प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह गोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों से हैंड ग्रेनेड, पिस्तौल, आरपीजी, विस्फोटक और लैपटॉप बरामद हुए हैं। पुलिस ने कहा कि आतंकी नेटवर्क की बाकी कड़ियों की तलाश जारी है।

सरहिंद ब्लास्ट में इस्तेमाल किया था आरडीएक्स
सरहिंद रेलवे ट्रैक ब्लास्ट में आतंकियों ने आरडीएक्स का इस्तेमाल किया था। इस बात का खुलासा विस्फोटक की फाॅरेंसिक जांच में हुआ है। 23 जनवरी 2026 को भी फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास भी डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर के रेलवे ट्रैक पर रात लगभग 9:50 बजे भी धमाका हुआ था। इस दाैरान वहां से गुजर रही मालगाड़ी के इंजन के शीशे टूट गए थे।

उस वक्त यह स्पष्ट नहीं था कि यह धमाका कैसे हुआ है। प्रथम दृष्टया इस बात भी जांच की जा रही थी कि धमाके की आवाज इंजन में से किसी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुई है। पुलिस ने धमाके के बाद माैके से कुछ सैंपल एकत्रित कर उन्हें फाॅरेंसिक जांच के लिए भेजा था। अब इसकी रिपोर्ट आ गई है जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि विस्फोटक आरडीएक्स था। उधर, इस बात का भी खुलासा हो गया है कि जिस आतंकी माॅड्यूल ने शंभू में रेलवे ट्रैक पर पिछले दिनों धमाका किया, उसी मॉड्यूल ने सरहिंद में भी धमाका करवाया था।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी न केवल शंभू धमाके से जुड़ा है, बल्कि सरहिंद रेलवे ट्रैक धमाके और मोगा में CIA कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले से भी उसका संबंध है। इन सभी वारदातों को विदेश में बैठे आकाओं के इशारे पर अंजाम दिया गया था। इनका मकसद राज्य में अस्थिरता फैलाना था।

पुलिस का दावा: तीनों आतंकी मामले सुलझा लिए गए
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी और पहले की बरामदगियों के साथ, आतंकवाद से जुड़े तीन बड़े मामले जो मोगा, सरहिंद और शंभू से जुड़े थे, को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान राज्य की सुरक्षा बलों की सतर्कता और कार्यकुशलता को दर्शाता है।

डीजीपी ने इस बात पर जोर दिया कि शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त और लगातार कार्रवाई की जाएगी। यह सफलता विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल और त्वरित कार्रवाई को उजागर करती है, जो भविष्य में ऐसे खतरों को रोकने में अहम भूमिका निभाएगी।

खालिस्तानी आतंकवादी संगठन ने ली थी जिम्मेदारी
इससे पहले अभी हाल में ही खालिस्तानी आतंकवादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स ने पटियाला में रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके की ज़िम्मेदारी ली थी। संगठन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए इस धमाके की ज़िम्मेदारी ली। पटियाला के शंभू इलाके के पास एक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा धमाका हुआ था। यह ट्रैक को उड़ाने की एक कोशिश थी। पटियाला के SSP वरुण शर्मा ने बताया कि सोमवार रात को जो व्यक्ति धमाका करने की कोशिश कर रहा था, वह इस कोशिश में मारा गया।

दोनों एक साथ मिलकर कर रहे थे काम
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि गुरजिंदर और जगरूप लंबे समय से एक साथ काम कर रहे थे और शंभू घटना वाले दिन दोनों अलग-अलग रास्तों से राजपुरा पहुंचे थे, ताकि किसी को शक न हो। धमाके के समय गुरजिंदर मौके पर मौजूद था, लेकिन कुछ दूरी पर होने के कारण वह सुरक्षित बच निकला और बाद में फरार हो गया।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तीनों घटनाएं एक ही गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थीं और इन्हें विदेश में बैठे संचालकों के निर्देश पर अंजाम दिया गया। इस नेटवर्क के तार मलेशिया, अमेरिका और पाकिस्तान तक जुड़े होने की बात सामने आई है।

आतंकी नेटवर्क तोड़ने में मिली सफलता
इससे पहले पुलिस ने इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से हथियार, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण भी बरामद किए गए थे। बाद में जगरूप के भाई की निशानदेही पर और भी घातक हथियार बरामद किए गए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी प्रदेश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

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