नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को लेकर जागरूकता अभियान जारी, नुक्कड़ नाटक से किसानों को बताए फायदे

Jun 20, 2026 - 13:14
 0  7
नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को लेकर जागरूकता अभियान जारी, नुक्कड़ नाटक से किसानों को बताए फायदे

बलौदा बाजार.

किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष किसान जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग, लाभ तथा वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी जा रही है।

साथ ही इन उर्वरकों को लेकर किसानों के बीच फैली भ्रांतियों, अफवाहों और आशंकाओं को दूर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की 50 सहकारी समितियों को चिन्हित कर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में आकर्षक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के फायदे और उपयोग की जानकारी सरल भाषा में समझाई जा रही है।

नुक्कड़ नाटक के बाद विशेषज्ञ दे रहे तकनीकी जानकारी
अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी और ग्राम कृषि विशेषज्ञ किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों की जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा मौके पर किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल वॉल पेंटिंग, पोस्टर और पाम्पलेट के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को व्यक्तिगत रूप से पाम्पलेट वितरित कर नैनो उर्वरकों के उपयोग की विधि, लाभ और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

किसानों ने बताया लाभकारी पहल
ग्राम ओडान के किसान भोज राम वर्मा ने बताया कि उन्हें पहले नैनो यूरिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें सही और उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उनके मन में मौजूद कई सवालों का जवाब विशेषज्ञों ने दिया, जिससे उनकी शंकाएं दूर हुईं। भोज राम वर्मा ने कहा कि अब तक वे केवल पारंपरिक यूरिया का उपयोग करते थे, लेकिन इस बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग करेंगे। वहीं ग्राम वटगन के किसान सुभाष वर्मा ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। इससे किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिनसे वे अक्सर अनजान रहते हैं। उन्होंने इस पहल के लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।

वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की पहल
जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को लेकर फैले भ्रम और आशंकाओं को दूर कर उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर सकते हैं। “जागरूक होगा किसान – उन्नत होगी खेती” के संकल्प के साथ यह अभियान जिले में लगातार संचालित किया जा रहा है।

इन 50 सहकारी समितियों में चल रहा अभियान
जिले की चयनित 50 सहकारी समितियों में यह विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इनमें लवन, तिल्दा, अहिल्दा, सरखोर, बम्हनपुरी, रिसदा, खम्हरिया, सेमराडीह, रसेड़ा, डमरू, कसडोल, छरछेद, कटगी, सेल, अमोदी, हंसुवा, टुंड्रा, सोनाखान, गिरौद, चिखली, कुम्हारी, खपराडीह, सुहेला, सकलोर, भटभेरा, रावन, बिटकुली, जांगड़ा, दावनबोड़, हथबंद, अर्जुनी, गोढ़ी (टी), मिरगी, खोखली, तरेंगा-भाटापारा, केसला, खैरा, मोपका, लेवई, निपनिया, गिर्रा, कोदवा, जर्वे, ओडान, वटगन, कोसमंदी, अमेरा, कोनारी, लच्छनपुर और रोहांसी शामिल हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0