CJI के आदेश पर भाई को फोन! कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत ने लगाई फटकार

Mar 25, 2026 - 14:14
 0  7
CJI के आदेश पर भाई को फोन! कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत ने लगाई फटकार

नई दिल्ली  
सुप्रीम कोर्ट में रोजाना विभिन्न मामलों की सुनवाई होती है। बुधवार को सीजेआई सूर्यकांत ने एक शख्स को तगड़ी फटकार लगाई। सीजेआई ने एक आदेश पारित किया था, जिसके बाद शख्स ने उनके (सीजेआई) के भाई को फोन लगाकर पूछा कि यह आदेश कैसे पारित कर दिया। इस पर सीजेआई भड़क गए और शख्स के वकील से सुप्रीम कोर्ट में कड़े सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि क्या अब वह मुझ पर हुक्म चलाएगा।

लाइव लॉ के अनुसार, सीजेआई सूर्यकांत ने फोन कॉल करने वाले शख्स के वकील से कहा, ''आपके मुवक्किल के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही क्यों नहीं होनी चाहिए? उसने मेरे भाई को फोन करने की हिम्मत कैसे की और यह पूछा कि सीजेआई ने यह आदेश कैसे पारित किया? क्या वह मुझे हुक्म चलाएगा? आप इसकी पुष्टि करें, और फिर एक वकील के तौर पर, सबसे पहले आपको इस मामले से हट जाना चाहिए।''

सीजेआई सूर्यकांत ने चेतावनी देते हुए कहा कि भले ही वह भारत से बाहर कहीं भी छिप जाए, मुझे पता है कि ऐसे लोगों से कैसे निपटना है। दोबारा कभी ऐसी हिम्मत मत करना। मैं पिछले 23 सालों से ऐसे तत्वों से निपटता आ रहा हूं।

दरअसल, सीजेआई सूर्यकांत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें अपर कास्ट की जनरल कैटेगरी से धर्म बदलकर बौद्ध बनने के बाद एक पीजी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए बौद्ध प्रमाण पत्र के तहत मिलने वाले लाभों की मांग की गई थी। इस पर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिशा निर्देश तय करने के लिए कहा था। इसी मामले में सीजेआई ने तब भी कड़ी फटकार लगाई थी।

कोर्ट ने तब इसे नए तरीके का फ्रॉड बताया था। यह याचिका निखिल कुमार पुनिया और एकता पुनिया ने दायर की थी। सीजेआई सूर्यकांत ने तब कहा था, "वाह! अब, यह एक नए तरह का धोखा है। हमसे और कुछ मत कहलवाइए।'' इस याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए, शीर्ष अदालत ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था और यह स्पष्ट करने को कहा कि वह 'सामान्य श्रेणी' के उन उम्मीदवारों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र कैसे जारी कर रही है, जो पहले परीक्षाओं में 'गैर-अल्पसंख्यक' आवेदकों के तौर पर शामिल हुए थे।

बता दें कि सीजेआई सूर्यकांत इससे पहले भी कई मामलों में कड़ी फटकार लगा चुके हैं। एनसीईआरटी किताब विवाद में सोशल मीडिया पर की गई कुछ गैर जिम्मेदाराना कमेंट्स पर उन्होंने पिछले दिनों सख्ती दिखाई थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ऐसी वेबसाइट्स और लोगों की पहचान करके बताए, जिन्होंने ऐसे टिप्पणियों को पब्लिश किया। उन्होंने ऐसी टिप्पणी करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा था कि कुछ लोग भले ही देश के बाहर कहीं भी छिपे हुए हों, मैं उन्हें छोड़ने वाला नहीं हूं।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0