MP में साइबर पुलिस का ‘ऑपरेशन फेस’, 33 जिलों में एक ही चेहरे पर 36 हजार सिम सक्रिय

Mar 10, 2026 - 11:14
 0  7
MP में साइबर पुलिस का ‘ऑपरेशन फेस’, 33 जिलों में एक ही चेहरे पर 36 हजार सिम सक्रिय

इंदौर/भोपाल.

मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिमकार्ड जारी करने के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। साइबर पुलिस ने एक ही फोटो का इस्तेमाल कर अलग-अलग पहचान पत्रों के सहारे सिम एक्टिवेट कराने वाले गिरोह के खिलाफ ‘ऑपरेशन फेस’ शुरू किया है। दूरसंचार विभाग से मिले डेटा के विश्लेषण में सामने आया है कि प्रदेश के 33 जिलों में 135 ऐसे चेहरे हैं, जिनके नाम और फोटो के आधार पर 36,668 सिमकार्ड सक्रिय किए गए हैं। पुलिस अब इन मामलों की गहन जांच कर आरोपी पीओएस एजेंटों और गिरोह से जुड़े लोगों की धरपकड़ की तैयारी कर रही है।

33 जिलों में फैला फर्जीवाड़े का नेटवर्क

  •     साइबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार यह घोटाला केवल राजधानी भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में संगठित रूप से चल रहा था। जांच में पता चला है कि 33 जिलों में ऐसे 135 चेहरे चिन्हित किए गए हैं, जिनके आधार पर कम से कम 50 या उससे अधिक सिमकार्ड जारी किए गए हैं।
  •     इन सभी मामलों में एक ही व्यक्ति की फोटो का उपयोग कर अलग-अलग पहचान पत्रों के जरिए बड़ी संख्या में सिमकार्ड सक्रिय किए गए। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रदेश में एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय था।

गुना, सतना और मुरैना में सबसे ज्यादा मामले

  •     दूरसंचार विभाग से प्राप्त डेटा के अनुसार सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा गुना जिले में सामने आया है। यहां एक ही फोटो के आधार पर 3,760 सिमकार्ड सक्रिय पाए गए हैं।
  •     इसी तरह सतना जिले में 2,870 और मुरैना में 2,714 सिमकार्ड एक ही तस्वीर के आधार पर जारी किए गए हैं। इसके अलावा बैतूल, भोपाल और इंदौर जैसे बड़े जिलों में भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।

नियमों को दरकिनार कर जारी किए सिम
नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के नाम और पहचान पत्र के आधार पर अधिकतम नौ सिमकार्ड ही जारी किए जा सकते हैं। लेकिन पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंटों ने इस नियम की अनदेखी करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर बड़ी संख्या में सिमकार्ड एक्टिवेट कर दिए।
इसके लिए पहचान पत्रों और फोटो में हेरफेर कर नई पहचान तैयार की गई, जिससे एक ही व्यक्ति के नाम और चेहरे का इस्तेमाल कई बार किया जा सका।

पांच सप्ताह तक चलेगा अभियान

  •     साइबर पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ ‘ऑपरेशन फेस’ शुरू किया है। यह विशेष अभियान पांच सप्ताह तक चलाया जाएगा। इस दौरान पुलिस संदिग्ध सिमकार्ड और उनसे जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई करेगी।
  •     साइबर पुलिस मुख्यालय के आईजी शियास मजीद के अनुसार जांच को तेज कर ऐसे पीओएस एजेंटों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन कर बड़ी संख्या में सिमकार्ड जारी किए। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  •     पुलिस का मानना है कि इन फर्जी सिमकार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध, धोखाधड़ी और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जा सकता है, इसलिए इस पूरे नेटवर्क को खत्म करना बेहद जरूरी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0