यूपी में बेमौसम बारिश और ओलों का कहर,गेहूं की 40% फसल बर्बाद, किसानों के समर्थन में मैदान में उतरे CM योगी

Apr 9, 2026 - 16:44
 0  7
यूपी में बेमौसम बारिश और ओलों का कहर,गेहूं की 40% फसल बर्बाद, किसानों के समर्थन में मैदान में उतरे CM योगी

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों से मौसम बदल चुका है. जहां अप्रैल में चिलचिलाती धूप होनी चाहिए वहीं अब बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हो रही है. इसने जहां लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी, वहीं खेतों में खड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया. खासकर गेहूं की फसल, जो इस समय कटाई के दौर में थी, इस बदले मौसम की सबसे बड़ी मार झेल रही है. कई जिलों से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे किसानों के दर्द को साफ बयां कर रही हैं कहीं खेतों में पानी भरा है, तो कहीं ओलों ने सुनहरी बालियों को जमीन पर गिरा दिया है.

किसान, जो कुछ दिन पहले तक अच्छी पैदावार की उम्मीद में जुटे थे, अब नुकसान का हिसाब लगाने में लगे हैं. लखनऊ के निगोहा इलाके समेत कई जगहों से खबरें हैं कि बारिश और ओलावृष्टि ने खड़ी और कटी दोनों तरह की फसल को नुकसान पहुंचाया है. जिन खेतों में कटाई हो चुकी थी, वहां भीगने से गेहूं के दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है. वहीं, जिन खेतों में फसल अभी खड़ी थी, वहां ओलों ने बालियों को झुका दिया या पूरी तरह गिरा दिया. किसानों का कहना है कि इस बार करीब 40 फीसदी तक नुकसान की आशंका है. यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे साल की मेहनत और उम्मीदों पर पड़ा गहरा असर है. कई किसानों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कटाई का काम ठप पड़ गया है. मजदूर खाली बैठे हैं और मशीनें खेतों में नहीं उतर पा रहीं. इससे फसल का नुकसान और बढ़ने की आशंका है.

सीएम योगी ने लिया संज्ञान
मौसम के इस बदले मिजाज ने सिर्फ फसलों को ही नहीं, बल्कि किसानों की मानसिक स्थिति को भी प्रभावित किया है. एक ओर कर्ज और लागत का दबाव है, दूसरी ओर पैदावार घटने का डर. ऐसे में उनके सामने आने वाले समय को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है. इसी बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है. उन्होंने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और किसानों के संपर्क में बने रहें. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम होना चाहिए और हर प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है.

सभी जिलाधिकारियों से मांगी  रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे खुद गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लें. सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर जाकर नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए. राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त रूप से सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुआवजा प्रक्रिया में देरी न हो. सरकार की ओर से यह भी सुनिश्चित करने की बात कही गई है कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें समयबद्ध तरीके से मुआवजा मिले. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है.

20 लोगों की मौत, 33 पशुओं की भी गई जान
केवल फसल नुकसान ही नहीं, बल्कि इस दौरान हुई जनहानि और पशुहानि को भी गंभीरता से लिया गया है. पिछले एक हफ्ते में प्रदेश में अति वर्षा और आकाशीय बिजली की वजह से करीब 20 लोगों की मौत, 12 लोग घायल और 33 पशुओं की मौत की खबर सामने आई है. इन सभी मामलों में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा वितरित करना शुरू कर दिया है. सरकार ने यह भी कहा है कि जिन परिवारों के घर इस आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं, कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0