जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल तैयार, राजपूताना विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम

Jul 3, 2026 - 16:14
 0  9
जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल तैयार, राजपूताना विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम

जोधपुर
राजस्थान की स्थापत्य कला और शाही विरासत अब आधुनिक विमानन तकनीकों के साथ आसमान छूने को तैयार है। सूर्यनगरी जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। करीब ₹400 करोड़ की लागत से 2.52 लाख वर्ग फुट में फैला यह भव्य टर्मिनल मारवाड़ के शाही गौरव और अत्याधुनिक पैसेंजर सुविधाओं का एक बेजोड़ उदाहरण है।

'स्थापति इंडिया' द्वारा डिजाइन किया गया यह नया टर्मिनल सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। आइए जानते हैं कि इस नए टर्मिनल में ऐसा क्या खास है जो इसे देश के सबसे खूबसूरत और ग्रीन एयरपोर्ट्स की कतार में खड़ा करता है।

डिजाइन में राजपूताना विरासत की झलक
जोधपुर का विमानन इतिहास बेहद पुराना है। साल 1931 में तत्कालीन शासक महाराजा उम्मेद सिंह ने 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' की स्थापना कर इसकी नींव रखी थी। इसी समृद्ध विरासत को नए टर्मिनल के डिजाइन में जीवंत किया गया है।

    भव्य गुंबद और कलश: मुख्य द्वार पर राजस्थान के ऐतिहासिक किलों की तर्ज पर एक भव्य नक्काशीदार गुंबद बनाया गया है, जिसके शीर्ष पर कमल के बेस पर 'कलश' स्थापित है।
    पारंपरिक नक्काशी: इसके बाहरी हिस्से में नक्काशीदार ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट, बहु-कोणीय मेहराब और राजपूताना महलों जैसे सजावटी स्तंभों का उपयोग किया गया है।
    भीतर जीवंत हुई मारवाड़ी संस्कृति: टर्मिनल के अंदर स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां लगाई गई हैं, जिनमें मरुधरा के पारंपरिक मोर के रूपांकन और शाही दरबार के दृश्यों को समकालीन अंदाज में उकेरा गया है।

हाई-टेक सुविधाएं और 'स्मार्ट' पैसेंजर फ्लो
स्थापति इंडिया के निदेशक विपुल बी. वार्ष्णेय ने बताया कि जोधपुर के इस टर्मिनल की प्लानिंग यात्रियों की सुविधा और सुचारू आवाजाही को ध्यान में रखकर की गई है।टर्मिनल में 6 आधुनिक एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिससे यात्री सीधे विमान तक पहुंच सकेंगे। पीक-ऑवर में यह टर्मिनल एक साथ 1,000 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। यात्रियों की सुविधा के लिए आगमन और प्रस्थान को पूरी तरह अलग किया गया है। इसके अलावा आइलैंड चेक-इन काउंटर्स, लीनियर सिक्योरिटी ज़ोन और बेहतर बैगेज सर्कुलेशन की व्यवस्था की गई है।

भीषण गर्मी से निपटेगा 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' आर्किटेक्चर
जोधपुर की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से निपटने के लिए इस टर्मिनल को खास 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसे इंसुलेटेड ग्लास और निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है जिससे सूरज की तपिश अंदर न पहुंचे और एयर कंडीशनिंग पर लोड कम रहे, जबकि प्राकृतिक रोशनी पूरे परिसर में भरपूर बनी रहे।

यह बिल्डिंग प्रतिष्ठित ग्रीन सर्टिफिकेशन हासिल करने के लक्ष्य के साथ बनाई गई है। इसके लिए बिल्डिंग में शेडिंग, कंट्रोल्ड ग्लेजिंग, सोलर इंस्टॉलेशन और एनर्जी-एफिशिएंट हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए गए हैं।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0