कैंसर इलाज में बड़ी सफलता: AIIMS का ‘लाइट एक्टिव’ ब्रह्मास्त्र, रोशनी पड़ते ही खत्म होगा ट्यूमर

Apr 12, 2026 - 06:44
 0  9
कैंसर इलाज में बड़ी सफलता: AIIMS का ‘लाइट एक्टिव’ ब्रह्मास्त्र, रोशनी पड़ते ही खत्म होगा ट्यूमर

भोपाल.

एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने कैंसर के इलाज के लिए नैनो-तकनीक विकसित की है, जो शरीर के बाकी हिस्सों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे ट्यूमर पर हमला करेगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दवा शरीर के अंदर तब तक शांत रहती है, जब तक उस पर विशेष लाल रोशनी न डाली जाए। रोशनी पड़ते ही यह सक्रिय होकर कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देती है।

एम्स भोपाल के बायोकैमिस्ट्री विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डा. सुखेस मुखर्जी के सहयोग से हुए इस शोध में एक खास नैनोकण (बेहद सूक्ष्म कण) तैयार किया गया है। यह कण खून के जरिए ट्यूमर तक पहुंच जाता है।जब डाक्टर ट्यूमर वाले हिस्से पर लाल रोशनी डालते हैं, तो यह कण सक्रिय होकर दो तरह के घातक प्रहार करता है। यह एक साथ सिंगलेट आक्सीजन और कार्बन मोनोऑक्साइड छोड़ता है, जो मिलकर कैंसर कोशिकाओं को खत्म करते हैं।

लाल रोशनी का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि यह शरीर में गहराई तक प्रवेश कर सकती है। यह नैनोकण शरीर में धीरे-धीरे खुद ही घुलकर खत्म हो जाता है, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित भी है। कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों से मिलेगी राहत पारंपरिक कीमोथेरेपी में अक्सर शरीर के स्वस्थ सेल भी मर जाते हैं, जिससे मरीज को बाल झड़ने या अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। लेकिन इस नई तकनीक में दवा केवल वहीं असर करेगी जहां रोशनी डाली जाएगी।

इससे शरीर के दूसरे अंगों पर बुरा असर पड़ने की आशंका बहुत कम हो जाएगी। परीक्षण में पाया गया है कि यह तकनीक स्तन और यकृत (लीवर) कैंसर के इलाज में बेहद असरदार है। यह शोध दुनिया के प्रतिष्ठित जर्नल डाल्टन ट्रांजैक्शंस में प्रकाशित हुआ है। इनका कहना है यह शोध कैंसर के सटीक और नियंत्रित उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

आम लोगों को प्रभावी इलाज -
एम्स भोपाल चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है ताकि आम लोगों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज मिल सके।
- डा. सुखेस मुखर्जी, एडिशनल प्रोफेसर, एम्स भोपाल।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0