मंदसौर में बड़ा पुलिस सुधार, अब 6 महीने से ज्यादा एक थाने में नहीं टिकेंगे टीआई

Nov 24, 2025 - 09:14
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मंदसौर में बड़ा पुलिस सुधार, अब 6 महीने से ज्यादा एक थाने में नहीं टिकेंगे टीआई

मंदसौर
 मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में थानों में होने वाली गड़बड़ियों, पैसों के लेन-देन और आपराधिक सांठ-गांठ के मामलों ने पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए एसपी विनोद मीना अब थानेदारों पर कड़ा एक्शन मोड अपनाने जा रहे हैं। एसपी ने रोस्टर सिस्टम तैयार किया है, जिसके तहत कोई भी थाना प्रभारी (टीआई) 3 से 6 महीने से ज्यादा एक ही थाना नहीं संभाल पाएगा।

पहला जिला बनेगा मंदसौर!

अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो मंदसौर प्रदेश का पहला जिला होगा जहां थाना प्रभारियों की पोस्टिंग फिक्स समय सीमा पर बदला करेगी।

इस सिस्टम के बाद—
कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले टीआई को 3 महीने में बदल दिया जाएगा

अच्छा काम करने वाले टीआई को लंबे समय तक उसी थाने पर रखा जाएगा

थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी

राजनीतिक दबाव और हस्तक्षेप में कमी आएगी

चल रहे अभियानों के नतीजे और बेहतर मिल सकेंगे

एसपी विनोद मीना ने कहा— “रोस्टर सिस्टम एक अच्छा मॉडल है। फायदे-नुकसान को देखकर इसे सही तरीके से लागू किया जाएगा।”

अवैध तस्करी और पुलिस-कर्मियों की सांठ-गांठ ने बढ़ाई चिंता

मंदसौर जिला लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। हाल ही में तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लेन-देन के बड़े खुलासे हुए, जिसके बाद कई पर कार्रवाई की गई—

तत्कालीन टीआई धर्मेंद्र शिवहरे — निलंबित

उपनिरीक्षक अविनाश सोनी — निलंबित

प्रधान आरक्षक दिलीप बघेल — निलंबित

दलौदा टीआई मनोज गर्ग — लाइन अटैच

भानपुरा टीआई आरसी डांगी — आरोप सिद्ध, कार्रवाई बाकी

इन मामलों ने पुलिस विभाग को मजबूर किया कि व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ बड़ा और सख्त कदम उठाया जाए।

रोस्टर सिस्टम क्यों ज़रूरी?

थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी

भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी

राजनीतिक प्रभाव सीमित होगा

टीआई और चौकी प्रभारियों का प्रदर्शन बेहतर होगा

 जनता को मिलेगा भरोसेमंद पुलिस सिस्टम

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