मनोज सिन्हा का कड़ा संदेश: देशद्रोह करने वालों को नहीं मिलेगी माफी, आतंकियों की सात पीढ़ियां भी याद रखेंगी

Feb 20, 2026 - 17:14
 0  7
मनोज सिन्हा का कड़ा संदेश: देशद्रोह करने वालों को नहीं मिलेगी माफी, आतंकियों की सात पीढ़ियां भी याद रखेंगी


जम्मू

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चेतावनी दी है कि देश के खिलाफ गद्दारी करने वालों और आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद से जुड़े सभी मामलों की गंभीरता से जांच करेंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वीरवार को कश्मीरी पंडितों की सम्मान के साथ घर वापसी को लेकर केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई। कहा कि कश्मीरी पंडितों की पूरी इज्जत और सुरक्षा के साथ वापसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वादा है। उन्होंने कहा, अपनी धरती पर अजनबी बन जाना दुनिया के सबसे बड़े दुखों में से एक है।

कश्मीरी पंडितों की सम्मान और सुरक्षा के साथ वापसी पीएम मोदी का वादा : एलजी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को कश्मीरी पंडितों की सम्मान के साथ घर वापसी को लेकर केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई। कहा कि कश्मीर पंडितों की पूरी इज्जत और सुरक्षा के साथ वापसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वादा है। एलजी प्रो. अशोक कौल की किताब कश्मीर-नेटिविटी रीगेंड के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। जम्मू विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह सभागार में हुए कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा कि अपनी धरती पर अजनबी बन जाना दुनिया के सबसे बड़े दुखों में से एक है। अपनी जड़ों से उजड़ जाने का दर्द आज भी बेघर हुए परिवारों की रगों में कांटों की तरह चुभता है। समय का मरहम भी कश्मीरी पंडितोंं के नरसंहार का गहरा दर्द नहीं भर सका।

युवा याद रखें कि आतंकियों ने हजारों कश्मीरी मुसलमानों का खून बहाया
एलजी ने कहा कि युवा पीढ़ी को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने हजारों निर्दोष कश्मीरी मुसलमानों का भी खून बहाया है। कई मामले इतने हृदयविदारक होते हैं कि उन्हें दोहराते समय शब्द लड़खड़ा जाते हैं। पिछले साल से उन परिवारों को न्याय मिलना शुरू हो गया है और अन्य आवश्यक चीजों के साथ-साथ उनकी रोजगार की जरूरतों को पूरा करने के प्रयास चल रहे हैं।

अनुच्छेद 370 हटने से जड़ों की ओर लौटने का भरोसा जगा
उपराज्यपाल ने कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह भरोसा पैदा हुआ कि कश्मीरी पंडित समुदाय की युवा पीढ़ी बिना किसी डर के अपनी जड़ों की ओर फिर से लौट सकती है। समारोह में डीन रिसर्च स्टडीज जम्मू यूनिवर्सिटी डाॅ. नीरज शर्मा, मंडलायुक्त रमेश कुमार, आईजीपी जम्मू भीमसेन टूटी सहित कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्य मौजूद थे।

मुश्किल समय में संस्कृति व परंपराओं को बचाए रखा
जम्मू विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह सभागार में पुस्तक विमोचन समारोह में मनोज सिन्हा ने कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय की जबरदस्त भावना को मैं सलाम करता हूं। हर विस्थापित परिवार अपने अंदर चिंगारी लिए हुए था। इसके बावजूद संघर्ष और मुश्किलों के दौर में उन्होंने दर्शन, अध्यात्म, संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बचाए रखा। नई ऊंचाइंयों को छुआ। एलजी ने कहा कि कश्मीर माइग्रेंट वेब पोर्टल भी लांच किया गया था। यह उनके लिए था जिनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया गया था। मैं कश्मीरी पंडितों को उस दर्द को महसूस कर सकता हूं जब 1989-90 में उन्हें रातों-रात घर छोड़ना पड़ा था।

यह महज किताब नहीं, हमेशा रहने वाली तबाही को दिखाती है
एलजी ने कहा कि प्रो. कौल की किताब कश्मीरी पंडितों के पलायन की कहानी बताती है। उन बुरे दिनों के डर और पुरखों की जड़ों से छिन जाने की हमेशा रहने वाली तबाही को दिखाती है। यह साहित्यिक कोशिश नहीं बल्कि दशकों से हमारी सामूहिक चेतना पर छाई चुप्पी को तोड़ने की कोशिश भी है।

जनता के सपनों को बर्बाद करने की साजिश हुई नाकाम
एलजी ने कहा कि वर्ष 2019 से जम्मू-कश्मीर एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। यूटी के लोगों के सपनों और किस्मत को बर्बाद करने की दुश्मन की नापाक साजिश को पूरी तरह से नाकाम किया गया है। बहुत कोशिशों से इस जमीन की पुरानी शान वापस लाई गई है और विकास तेज हुआ है। बहुत जल्द इस जमीन को आतंकवाद के खतरे से पूरी तरह से मुक्त करेंगे।

आतंकवाद से जुड़ी हर घटना को खोला जाएगा
एलजी ने कहा, आतंकवाद से जुड़ी हर घटना को खोलने की कोशिश की जाएगी। जनता के सपनों को बर्बाद करने वालों को मिट्टी में मिलाया जाएगा। आतंकवाद से जुड़े हर व्यक्ति को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। एेसे लोगों की सजा एसी होनी चाहिए कि आतंक का ईको सिस्टम रहम की भीख मांगता दिखाई दे। हम उन आतंकियों व उनके मददगारों को कभी माफ कर सकते हैं जिन्होंने आतंक फैलाया।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0