मदर्स डे विशेष: बरसों बाद बेटी की आवाज सुनकर मां की आंखें हुई नम, भावुक कर देगी कहानी
कानपुर
मदर्स डे का दिन एक मां के लिए तब और भी खास हो जाता है, जब उसे अपनी संतान की सलामती का सबसे बड़ा तोहफा मिले। कानपुर की दो मांओं ग्वालटोली की गीता गुप्ता और केशवपुरम की नेहा फातिमा के लिए यह दिन खुशियों का एक अलग एहसास लेकर आया है। इन दोनों मांओं की कहानी अलग जरूर है, लेकिन जीवन में खुशियों का उजाला लाने वाले एक ही हैं- एक मां की पीड़ा को महूसस कर उसका त्वरित निवारण करने वाले अत्यंत संवेदनशील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
ग्वालटोली की गीता गुप्ता बताती हैं, "उनकी बेटी खुशी सुन और बोल नहीं पाती थी, लेकिन आज वह पूरी तरह ठीक होने की राह पर है। जब खुशी ने पहली बार मुझे सुना, तो मुझे लगा जैसे पूरी दुनिया मिल गई। एक मां के लिए इससे बड़ी जीत क्या होगी? ये सब योगी जी की वजह से हो पाया। मेरी बेटी को सरकार की मदद से इलाज मिला। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ने मेरी बेटी की खामोश दुनिया बदल दी।" गीता बताती हैं कि खुशी पुलिस की वर्दी देखकर आकर्षित होती है। उन्हें भरोसा है कि उनकी बेटी एक दिन पुलिस अफसर बनकर देश का नाम रोशन करेगी।
केशवपुरम की रहने वाली नेहा फातिमा भी बेहद ख़ुश हैं। उनकी 5 साल की मासूम बेटी मायरा फातिमा अब स्कूल जाती है। नेहा ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, "आज जब मैं मायरा को कॉपी-किताबों के साथ स्कूल जाते देखती हूं, तो मेरा दिल भर आता है। यह सब योगी जी के स्नेह और उनकी सरकार की मदद की वजह से मुमकिन हो पाया।"
नेहा ने अपनी बेटी की एक प्यारी बात साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब बच्ची से मुलाकात की थी, तब उसे चॉकलेट दी थी। आज भी जब किसी का फोन आता है, तो मायरा चहकते हुए पूछती है- "उन्हीं अंकल का कॉल आया है, जिन्होंने मुझे चॉकलेट दी थी?" नेहा के लिए अपनी बेटी को दूसरे बच्चों की तरह अच्छे स्कूल में पढ़ते देखना मदर्स डे का सबसे अनमोल उपहार है।
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