NSA में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की हाईकोर्ट में वीडियो पेशी, बोले—नजरबंदी से खडूर साहिब का संसदीय काम ठप

Dec 16, 2025 - 09:44
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NSA में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की हाईकोर्ट में वीडियो पेशी, बोले—नजरबंदी से खडूर साहिब का संसदीय काम ठप

चंडीगढ़ 
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लेकर डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह ने मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर कहा कि उनकी नजरबंदी के चलते उनके संसदीय क्षेत्र का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि बाढ़, नशे और कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे संसद के पटल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ के समक्ष पेश होते हुए अमृतपाल सिंह ने वकीलों के काम से विरत रहने की स्थिति में स्वयं अदालत को संबोधित किया। उन्होंने दलील दी कि एनएसए के तहत उनकी लगातार हिरासत ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया है, बल्कि उनके पूरे संसदीय क्षेत्र की कार्यप्रणाली भी बाधित कर दी है।

अमृतपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने इन मुद्दों को संसद में उठाने के लिए सशर्त जमानत की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला केवल उनका निजी नहीं है, बल्कि उन मतदाताओं से जुड़ा है, जिन्होंने उन्हें संसद में अपनी आवाज बनने के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग आज संसद में प्रतिनिधित्व से वंचित हो रहे हैं।

सफेद कुर्ता और नीली पगड़ी में नजर आए अमृतपाल सिंह ने अंग्रेजी और पंजाबी के मिश्रित स्वर में अपनी बात रखते हुए कहा, ‘भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक निर्वाचित प्रतिनिधि का अधिकार और दायित्व है कि वह संसद में जनहित के मुद्दे उठाए। लेकिन मुझ पर लगाया गया एनएसए अब तीसरे वर्ष में बढ़ाया जा चुका है। बाढ़, नशा और अन्य गंभीर समस्याओं को संसद में उठाना जरूरी है।’

खंडपीठ ने अमृतपाल सिंह की दलीलें सुनने की इच्छा जताई, लेकिन यह स्पष्ट किया कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाद में वह अपने वकील के माध्यम से बहस के लिए स्थगन की मांग नहीं करेंगे। इस शर्त पर अमृतपाल सिंह ने सहमति व्यक्त की। अदालत ने यह भी संज्ञान लिया कि पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता पिछली सुनवाई में अपनी दलीलें पूरी नहीं कर पाए थे और उन्हें आगे सुना जाना आवश्यक है। इन परिस्थितियों में मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए इसे दोपहर बाद 2 बजे पुनः सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया।

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