संगरिया में एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध तेज, किसानों ने टोल प्लाजा पर दिया धरना

Dec 23, 2025 - 10:14
 0  6
संगरिया में एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध तेज, किसानों ने टोल प्लाजा पर दिया धरना

हनुमानगढ़

हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चले लंबे विवाद के बाद अब संगरिया क्षेत्र में प्रस्तावित बायो एथेनॉल प्लांट के खिलाफ किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। सोमवार शाम सादुलशहर के खैरूवाला टोल प्लाजा पर सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और फैक्ट्री को हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही संगरिया उपखंड अधिकारी जय कौशिक, तहसीलदार मोनिका बंसल, थानाधिकारी अमरसिंह और चौकी प्रभारी ताराचंद गोदारा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। शाम को प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता हुई, जिसमें सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से मुद्दे पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा गया।

स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: किसान
संघर्ष समिति के सदस्य परमिंदर खीचड़ ने कहा कि जिस तरह टिब्बी के राठीखेड़ा क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विवाद हुआ, उसी तर्ज पर अब सादुलशहर सीमा क्षेत्र में भी एथेनॉल फैक्ट्री स्थापित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होगा, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों का कहना है कि संगरिया के बुगलावाली के पास प्रस्तावित फैक्ट्री से पानी और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। यदि सरकार ने फैक्ट्री नहीं हटाई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यह फैक्ट्री टिब्बी वाली से अलग: प्रबंधन
विवाद के बीच फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सफाई दी गई है। प्रबंधन का कहना है कि किसान टिब्बी के घटनाक्रम को आधार बनाकर विरोध कर रहे हैं, जबकि यह प्लांट उससे पूरी तरह अलग है। प्रस्तावित स्थान बारानी भूमि पर स्थित है, जहां नहर का पानी नहीं पहुंचता। यहां का भूमिगत पानी लगभग 17 हजार टीडीएस वाला खारा है, जो न तो पीने योग्य है और न ही सिंचाई के लिए उपयोगी। प्रबंधन ने कहा कि किसानों की आशंकाओं को आपसी चर्चा के माध्यम से दूर किया जा सकता है।

235 करोड़ की लागत से लगेगी फैक्ट्री
जानकारी के अनुसार संगरिया–अबोहर मार्ग पर गांव सिंहपुरा के चक 27 एएमपी में 42 बीघा जमीन पर भारत बायोएथनॉल प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री प्रस्तावित है। जमीन पर चारदीवारी का निर्माण किया जा चुका है। इस फैक्ट्री में प्रतिदिन 200 केएलडीपी बायो एथेनॉल उत्पादन प्रस्तावित है, जबकि कुछ सूत्रों के अनुसार इसकी उत्पादन क्षमता 74 केएलडीपी प्रतिदिन बताई जा रही है। टिब्बी में जारी विवाद के बाद संगरिया में शुरू हुआ यह विरोध क्षेत्र में एथेनॉल प्लांट्स को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। किसान स्वास्थ्य, जल स्रोतों और खेती की सुरक्षा को लेकर एकजुट होते नजर आ रहे हैं।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0