हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना हमारी सरकार का दायित्व ही नहीं संकल्प है : मंत्री उइके

Feb 26, 2026 - 15:44
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हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना हमारी सरकार का दायित्व ही नहीं संकल्प है : मंत्री उइके

भोपाल 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की परामर्शदात्री समिति की बैठक में विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, विशेष रूप से जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मिशन की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण, संचालन-संधारण व्यवस्था तथा ग्रीष्मकालीन तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने समिति के सदस्यों को विभागीय प्रगति की जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन का क्रियान्वयन परिणामोन्मुख और पारदर्शी ढंग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुल 111.34 लाख ग्रामीण परिवारों में से 82.19 लाख परिवारों, अर्थात 73.84 प्रतिशत घरों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इन परिवारों को प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो रहा है।

प्रदेश के 24,893 ग्रामों को शत-प्रतिशत नल कनेक्शन प्रदान कर “हर घर जल” ग्राम घोषित किया गया है। इनमें से 17,146 ग्रामों को ग्राम सभाओं द्वारा प्रमाणित किया जा चुका है, जो सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण है। समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया कि बुरहानपुर जिला को भारत सरकार द्वारा देश का पहला प्रमाणित “हर घर जल” जिला घोषित किया गया। इसके बाद निवाड़ी जिला भी “हर घर जल प्रमाणित” जिला बन चुका है। समिति ने इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य जिलों में भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तीव्र गति से कार्य पूर्ण कर प्रमाणन सुनिश्चित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

बैठक में एकल एवं समूह ग्राम नल जल योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए समिति ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को मिशन मोड में संचालित करते हुए समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। साथ ही, कार्यों की गुणवत्ता पर सतत निगरानी, फील्ड स्तर पर निरीक्षण तथा तकनीकी मानकों के पालन को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। समिति को यह भी अवगत कराया गया कि राज्य मंत्रिमंडल द्वारा संचालन एवं संधारण नीति का अनुमोदन किया जा चुका है। इस नीति के अंतर्गत एकल नल जल योजनाओं का संचालन, संधारण एवं प्रबंधन पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और प्रभावशीलता सुनिश्चित होगी।

विधायकों ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव

समिति सदस्यों ने विभागीय प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रत्येक तीन माह में अलग-अलग संभागों में बैठक आयोजित की जाए, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर योजनाओं की प्रगति की प्रत्यक्ष समीक्षा की जा सके। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए हैंडपंपों के रखरखाव एवं संधारण संबंधी निविदाएँ समय पर आमंत्रित करने पर बल दिया गया, जिससे संभावित जल संकट की स्थिति से पूर्व तैयारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही, नल जल योजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्यों के बाद रोड रेस्टोरेशन के लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने की आवश्यकता रेखांकित की गई। समिति ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में समिति की सदस्य विधायक  नीना विक्रम वर्मा, विधायक  ओमप्रकाश धुर्वे, विधायक  दिनेश भूरिया, विधायक  राजेश कुमार वर्मा उपस्थित रहे। जल निगम के एम डी  केवीएस चौधरी तथा ई.एन.सी.  संजय अंधमान भी बैठक में मौजूद रहे । 

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