रेलवे के लोको पायलट खाली पेट ट्रेन चला रहे, 10 मांगों को लेकर जारी आंदोलन

Dec 3, 2025 - 11:14
 0  7
रेलवे के लोको पायलट खाली पेट ट्रेन चला रहे, 10 मांगों को लेकर जारी आंदोलन

भोपाल
 रेलगाड़ी चलाने वाले ड्राइवर यानि लोको पायलट बिना कुछ खाए पिए ट्रेन चला रहे हैं। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर यह हड़ताल 2 दिसंबर सुबह 10 बजे से शुरू हुई है, जो कि 4 दिसंबर सुबह 10 बजे तक चलेगी। इसके तहत देशभर में 1 लाख 20 हजार लोको रनिंग स्टाफ बिना भोजन के ड्यूटी पर है। इस हड़ताल में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट शामिल हैं, जिनकी 10 सूत्रीय मांग है। मध्य प्रदेश में यह आंदोलन भोपाल, इटारसी, कटनी, जबलपुर, सतना, सागर, बीना, गुना, कोटा और गंगापुरसिटी की क्रू लॉबी में शुरू हो गया है।

12-16 घंटे करनी पड़ी रही ड्यूटी
लोको पायलट की मांग है कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहा है। दबाव के साथ लंबी ड्यूटी और लगातार मानसिक दबाव में ट्रेनें चलानी पड़ रही हैं। वहीं, लोको पायलटों का कहना है कि नियम 9 घंटे ड्यूटी का है, इसके बावजूद 12 से 16 घंटे तक लगातार संचालन करवाया जा रहा है। कई बार 72 से 104 घंटे तक मुख्यालय से बाहर रहना पड़ता है। इंजनों में शौचालय-यूरिनल की सुविधा नहीं है।

लोको पायलट की यह हैं मांगें
लगातार दो रात से ज्यादा नाइट ड्यूटी न कराई जाए। 36 घंटे के भीतर मुख्यालय वापसी सुनिश्चित की जाए। किलोमीटर भत्ते का 70% आयकर मुक्त किया जाए। ट्रैवलिंग अलाउंस (टीए) में 25% बढ़ोतरी के अनुपात में माइलेज भत्ते में वृद्धि की जाए। आवधिक विश्राम 46 घंटे (16+30) सुनिश्चित किया जाए। मेल-एक्सप्रेस में अधिकतम 6 घंटे और मालगाड़ी में 8 घंटे ड्यूटी का नियम लागू हो। एनपीएस बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। महिला रनिंग स्टाफ की सुरक्षा और समस्याओं पर विशेष उपाय।

हालांकि इन वजहों से ट्रेनों की परिचालन पर कोई असर नहीं हुआ है। अगर रेलवे की तरफ से उनकी समस्याएं नहीं सुनी गई तो आंदोलन और तेज होगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0