पंजाब के लिए राहत: एक साल में आत्महत्या के मामले 21% घटे, 2015 के बाद सबसे कम

May 8, 2026 - 14:44
 0  9
पंजाब के लिए राहत: एक साल में आत्महत्या के मामले 21% घटे, 2015 के बाद सबसे कम

 चंडीगढ़
खेती संकट और कर्ज के बोझ को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहे पंजाब के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट राहत भरी मानी जा रही है।क्राइम इन इंडिया-2024 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या के मामलों में पिछले दस वर्षों का सबसे कम आंकड़ा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली, राहत योजनाएं और फसल विविधीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों का असर आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।

एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान पंजाब में कुल 127 किसान और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की। इनमें 57 किसान और 70 खेतिहर मजदूर शामिल हैं। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 161 था। इस तरह एक साल के भीतर मामलों में करीब 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 के बाद यह सबसे कम संख्या है।

कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की ओर से किसानों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए। किसानों को मुफ्त बिजली, फसल नुकसान पर मुआवजा, कर्ज राहत और धान-गेहूं के अलावा दूसरी फसलों की तरफ बढ़ने के लिए प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का असर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यही वजह है कि खेती से जुड़े आत्महत्या मामलों में कमी दर्ज की गई।

हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य नहीं माना जा सकता। खेतिहर मजदूरों में आत्महत्या के मामलों की संख्या अब भी ज्यादा है, जो ग्रामीण आर्थिक ढांचे की कमजोर स्थिति की तरफ इशारा करती है। छोटे और सीमांत किसान अभी भी बढ़ती लागत, कर्ज और घटती आय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब में स्थिति में सुधार दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जरूरी हैं, ताकि खेती से जुड़ा संकट स्थायी रूप से कम किया जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0