सेक्टर-विशिष्ट नीतियों से निवेश, रोजगार और निर्यात को मिली नई रफ्तार

Dec 28, 2025 - 15:44
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सेक्टर-विशिष्ट नीतियों से निवेश, रोजगार और निर्यात को मिली नई रफ्तार

2024–25 में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जीसीसी जैसी नई नीतियां हुईं लागू

लखनऊ
वर्ष 2025 के समापन के साथ उत्तर प्रदेश में नीति आधारित शासन व्यवस्था निवेश और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनकर उभरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सेक्टर-विशिष्ट नीतियों ने प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में प्रशासनिक निर्णयों को स्पष्ट नीति ढांचे से जोड़ा। इसी का परिणाम है कि राज्य में 34 से अधिक उद्देश्यपरक और क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक नीतियों का सीधा लक्ष्य निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार रहा।

प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित निवेश रणनीति
आईटी/आईटीईएस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), रक्षा एवं एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, वस्त्र उद्योग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों को नीति समर्थन प्रदान किया गया। इन नीतियों के अंतर्गत पूंजी सब्सिडी, 100% एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी व बिजली दरों में छूट जैसे प्रोत्साहन शामिल किए गए।

एफडीआइ और फार्च्यून- 500 कंपनियों के लिए ऐतिहासिक पहल
योगी सरकार ने भारत में पहली बार ‘उत्तर प्रदेश FDI/FIC, Fortune Global 500 एवं Fortune India 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ लागू की। यह नीति वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में राज्य का बड़ा कदम रही। इसके अंतर्गत फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी, 100% स्टाम्प ड्यूटी व पंजीकरण छूट, बिजली शुल्क में पूर्ण छूट, कौशल विकास और R&D प्रोत्साहन शामिल हैं।

क्षेत्रीय संतुलन के साथ विकास
नीति के तहत पश्चिमांचल एवं मध्यांचल क्षेत्रों में 75% तक तथा बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में 80% तक लैंड सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इससे औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिली।

नई पीढ़ी की नीतियों का ऐलान
वर्ष 2024 में योगी सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति, बायो-प्लास्टिक नीति, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति, एयरोस्पेस एवं रक्षा इकाई नीति और GCC नीति जैसी कई दूरगामी नीतियों की घोषणा की, जिसे 2025 में तेजी से आगे बढ़ाया गया, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली।

2025 में निर्यात और विनिर्माण पर विशेष फोकस
वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश फुटवियर, लेदर और नॉन-लेदर क्षेत्र विकास नीति-2025 को लागू किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति (2025-2030) और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, निर्यात को प्रोत्साहित करना और यूपी को औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य बनाना रहा।

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