सोना महापात्रा की सुरमयी शाम: भव्य सुर–संध्या में विश्वरंग का मंच झिला उठा

Nov 30, 2025 - 10:14
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सोना महापात्रा की सुरमयी शाम: भव्य सुर–संध्या में विश्वरंग का मंच झिला उठा

भोपाल
विश्वरंग – टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 के समापन दिवस पर सांस्कृतिक सत्र में देश की चर्चित गायिका *सोना महापात्रा* की शानदार गायकी ने दर्शकों को भाव–विभोर कर दिया। रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश में आयोजित इस विशेष सिंगिंग परफॉर्मेंस में उन्होंने लोक, सूफी और कंटेंपररी बॉलीवुड म्यूजिक की रंगीन छटा बिखेरते हुए लगातार एक के बाद एक यादगार प्रस्तुतियाँ दीं।

सोना महापात्रा ने अपने लोकप्रिय गीत *“बेदर्दी राजा”* से कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसे सुनते ही युवा दर्शक उत्साह में झूम उठे। इसके बाद उन्होंने शक्ति, भक्ति और शास्त्रीय रंग से सराबोर *“आई गिरी नंदिनी”* की सशक्त प्रस्तुति दी, जिसने सभागार में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया। सूफी परंपरा की अमर रचना *“छाप तिलक सब छीनी…”* में उनकी भावपूर्ण गायकी ने प्रेम और समर्पण की अनुभूति को गहराई से उकेरा। श्रोताओं ने इस प्रस्तुति को पूरे मन से सराहा।

इसके बाद रोमांटिक और संवेदनशील स्वरों में उन्होंने *“जिया लागे ना…”* गाकर माहौल को भावुकता से भर दिया। भक्तिरस से ओत–प्रोत *“नारायण राम रमणा…”* की प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्ति के संगीत–सागर में डुबो दिया। कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण शिखर तब आया जब सोना महापात्रा ने सुपरहिट गीत *“अम्बर सरिया…”* प्रस्तुत किया। इस गीत पर सभागार में मौजूद श्रोता स्वतः ही तालियों और झूमते कदमों के साथ सुर में सुर मिलाते नजर आए।

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