मकान मालिकों व दुकानदारों पर सख्ती: नियम तोड़ने पर होगी तुरंत कानूनी कार्रवाई

Nov 27, 2025 - 05:14
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मकान मालिकों व दुकानदारों पर सख्ती: नियम तोड़ने पर होगी तुरंत कानूनी कार्रवाई

बरनाला 
बरनाला जिला पुलिस ने मकान मालिकों और दुकानदारों को उनके यहां रहने वाले किराएदारों और काम करने वाले नौकरों का पुलिस वैरीफिकेशन (सत्यापन) तत्काल करवाने की सख्त हिदायत दी है। जिला पुलिस प्रमुख (एस.एस.पी.) मोहम्मद सरफराज आलम ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आपराधिक घटनाओं पर लगाम कसने की तैयारी
एस.एस.पी. मोहम्मद सरफराज आलम ने बताया कि जिले में आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी तरीके से लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि कोई भी अपराधी/नौकर/किराएदार किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाता है। बाद में, जब पुलिस द्वारा मकान मालिक से पूछताछ की जाती है, तो उनके पास न तो किराएदार/नौकर का कोई सही फोटो होता है, न ही मोबाइल नंबर और न ही कोई सटीक पता होता है। इस कारण से न केवल अपराधी को पकड़ने में दिक्कत आती है, बल्कि पुलिस के हाथ से अपराधी भी दूर हो जाता है।

एस.एस.पी. आलम ने आगे बताया कि कई बार अपराधी तत्वों द्वारा अन्य राज्यों या शहरों में आपराधिक वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी पहचान छिपाकर किराएदार बनकर बरनाला या आसपास के शहरों में पनाह ली जाती है, और फिर यहां भी चोरी, लूट, हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे लोगों का रिकॉर्ड अगर पुलिस के पास पहले से मौजूद होगा, तो उन पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और वे किसी भी आपराधिक वारदात को दोहरा नहीं पाएंगे।

वैरीफिकेशन कैसे कराएं?
तत्काल सूचना: घरेलू नौकर या किराएदार को रखने से पहले ही मकान मालिक नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस चौकी को सूचित करें।
दस्तावेज: किराएदार का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और एक पहचान पत्र की प्रति अनिवार्य रूप से नोट करें।
सत्यापन प्रक्रिया: यह सुनिश्चित करें कि किराएदार या नौकर को अपने घर या दुकान पर रखने से पहले पुलिस द्वारा उसका वेरिफिकेशन पूरा करवा लिया गया है।
 
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कई मकान मालिक इस वैरीफिकेशन प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लेते हैं। अगर भविष्य में कोई किराएदार या नौकर किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, और यह पाया जाता है कि मकान मालिक ने उसका वेरिफिकेशन नहीं करवाया था, तो मकान मालिक को भी उस अपराध में भागीदार मानकर उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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