ट्रेन बनी 'किचन', लोअर बर्थ पर चाय बनाने लगी महिला, वीडियो ने शुरू की बहस

Feb 28, 2026 - 12:14
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ट्रेन बनी 'किचन', लोअर बर्थ पर चाय बनाने लगी महिला, वीडियो ने शुरू की बहस

नई दिल्ली

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ट्रेन के कोच में इलेक्ट्रिक केतली का इस्तेमाल करती दिखाई दे रही है. वीडियो एक सह-यात्री ने रिकॉर्ड किया और इसमें महिला को लोअर बर्थ पर बैठकर केतली को कोच के सॉकेट में लगाकर चाय बनाते हुए दिखाया गया है. जैसे ही यह क्लिप सामने आई, सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई.

वीडियो में साफ दिखता है कि महिला आराम से केतली चला रही है और उसके आसपास मौजूद यात्री भी बिना किसी आपत्ति के बैठे हुए हैं. लेकिन तथ्य यह है कि इलेक्ट्रिक केतली जैसे हाई-वॉटेज उपकरण ट्रेन में चलाना नियमों के खिलाफ है. रेलवे के कोचों में लगे सॉकेट केवल मोबाइल, लैपटॉप जैसे लो-वॉटेज इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चार्ज करने के लिए बनाए गए हैं, न कि भारी उपकरण चलाने के लिए.

‘नियम पता हैं, लोग मानते नहीं’

वीडियो X पर साझा किया गया, जिसमें पोस्ट करने वाले ने रेलवे सेवा और रेल मंत्रालय को टैग कर चेतावनी दी कि ऐसी हरकत से शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी घटना हो सकती है. उन्होंने कहा कि रेलवे को इसके लिए जागरूकता अभियान शुरू करना चाहिए.

इसके बाद सोशल मीडिया पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने इसे खतरनाक हरकत बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की. एक यूजर ने लिखा कि ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली चलाना पहले से ही प्रतिबंधित है. जागरूकता है, लोग पालन नहीं करते. एक अन्य ने कहा कि जागरूकता अभियान की जरूरत नहीं, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जरूरत है.

किसी ने तंज कसते हुए लिखा, नाइट सूट और केतली के साथ इन्होंने तो कोच को ही घर बना लिया है.. वहीं एक टिप्पणी थी कि लोग सोचते हैं नुकसान रेलवे का होगा, लेकिन हादसा होगा तो सबसे बड़ा नुकसान उनका ही होगा..

रेलवे सेवा हुई सक्रिय, शिकायत मांगी गई

वीडियो वायरल होते ही रेलवे सेवा ने इस पर प्रतिक्रिया दी और साझा करने वाले व्यक्ति से यात्री का पीएनआर नंबर और मोबाइल नंबर मांगते हुए कहा कि वह तुरंत कार्रवाई के लिए जानकारी उपलब्ध कराएं. रेलवे ने यह भी बताया कि शिकायत सीधे RailMadad या 139 नंबर पर भी दर्ज कराई जा सकती है.

गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है, जब एक महिला ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली से मैगी पकाते हुए दिखी थी. उस समय भी केंद्रीय रेलवे ने कार्रवाई की थी.

क्यों हैं ये खतरनाक?

भारतीय रेलवे के कोच में लगी मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट से इलेक्ट्रिक केतली चलाना बेहद खतरनाक है.ये रेलवे नियमों के खिलाफ है, क्योंकि ट्रेन की सॉकेटें केवल लो-पावर डिवाइस (50-100 वाट) के लिए बनी होती हैं, जबकि इलेक्ट्रिक केतली 1000-2000 वाट तक पावर खींचती है. इस वजह से ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट और आग लगने का बड़ा जोखिम बढ़ जाता है. यही कारण है कि रेलवे ने केतली, हीटर, इंडक्शन, इमर्शन रॉड जैसे उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है. ऐसे उपकरण इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर रेलवे एक्ट की धारा 153, 154 के तहत भारी जुर्माना और 6 महीने से 2 साल तक की जेल हो सकती है, और नुकसान होने पर सजा और भी बढ़ जाती है. रेलवे लगातार एडवाइजरी जारी करता है कि ऐसे डिवाइस ट्रेन में कभी न चलाएं.

 

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