जरूरत पड़ने पर ही करें चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल: सम्राट चौधरी

May 13, 2026 - 07:44
 0  7
जरूरत पड़ने पर ही करें चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल: सम्राट चौधरी

पटना

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उसके इस्तेमाल पर जोर दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की अभी पर्याप्त उपलब्धता है। इसलिए लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि कॉलोनी व अपार्टमेंट में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर तेजी से काम करें। हमारी प्राथमिकता है कि आमलोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिले। इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। लोक सेवक आवास में हुई बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार में पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और एलपीजी का स्टॉक, खपत एवं आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के संबंध में सीएम को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में अब-तक एक लाख 12 हजार पीएनजी कनेक्शन काम कर रहे हैं। इसके लिए 25,813 लोगों ने आवेदन भी दिया है।

बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंदर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय सिंह सहित तेल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे।

निजी स्कूल मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सहूलियतों का ख्याल रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। साथ ही निजी विद्यालयों की ओर से पुनर्नामांकन शुल्क और अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही अभिभावकों से स्कूलों की ओर से अनावश्यक शुल्क लेने पर भी अंकुश लगेगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर इस निर्णय की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर यह पहल की गई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने तथा छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि निजी विद्यालयों को सभी तरह के फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी अनिवार्य होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पुस्तकें एवं पठन-पाठन समेत अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। संबंधित निजी विद्यालय निर्देशित दुकान और निर्देशित ब्रांड का सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है। साथ ही अब अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीद सकते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0