मप्र में मौसम का अलर्ट: ग्वालियर-दतिया और रीवा में घना कोहरा, विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर; 8 जिलों में बारिश

Jan 31, 2026 - 07:44
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मप्र में मौसम का अलर्ट: ग्वालियर-दतिया और रीवा में घना कोहरा, विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर; 8 जिलों में बारिश

भोपाल
 मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से कई जिलों में घना कोहरा, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश देखी जा रही हैं। शनिवार सुबह ग्वालियर, रीवा और दतिया में सबसे अधिक कोहरा रहा। रीवा में विजिबिलिटी 50-200 मीटर तक रह गई। सतना, भोपाल, उज्जैन, श्योपुर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, देवास, रतलाम, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, गुना, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर और बालाघाट में मध्यम कोहरा बना रहा।

इधर रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं दिन में सर्दी का असर बढ़ा है। बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया।

पचमढ़ी-दतिया में 7.8 डिग्री, उमरिया में 7.9 डिग्री, रायसेन में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, नौगांव में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और सीधी में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान गुना, शाजापुर समेत 8 जिलों में आंधी, बारिश और गरज चमक होने का अलर्ट जारी किया है। शाजापुर में तो हल्की बारिश का दौर शुरू भी हो गया है। इंदौर में भी बूंदाबांदी हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर में बिजली चमकने के साथ तेज हवा चलने और दोपहर में गुना, राजगढ़, सागर, रायसेन के सांची में हल्की बारिश होने की संभावना है।

अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

    1 फरवरी- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट है।
    2 फरवरी- नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है।
    3 फरवरी- ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी का दौर भी बना रहेगा।

किसानों के लिए सलाह

    खेतों में पानी का निकास सुनिश्चित करें ताकि अल्पकालिक वर्षा से नुकसान न हो।
    गेहूं, चना और सरसों की फसल पर तेज हवा और नमी से होने वाले रोगों की निगरानी करें।
    बागवानी फसलों में फल झड़ने से बचाने के लिए पौधों को सहारा दें और अनावश्यक गतिविधियों से बचें।
    मौसम साफ होने तक सिंचाई स्थगित करें और कटाई हुई फसल को खुले में न छोड़ें।

सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

उत्तर भारत में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जेट स्ट्रीम हवाओं की गति बढ़ी। इसका असर मध्य प्रदेश के दिन के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के रूप में देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि, जब यह सिस्टम लौटेगा तो ठंड का एक और दौर प्रदेश में आएगा।

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