युवा नवाचार करें, अनुसंधान करें और प्रदेश को सतत विकास की ओर ले जाने के लिये आयें आगे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

Jan 30, 2026 - 15:14
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युवा नवाचार करें, अनुसंधान करें और प्रदेश को सतत विकास की ओर ले जाने के लिये आयें आगे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रबंधन और वाणिज्य में नवीन अनुसंधान और सतत विकास विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का किया शुभारंभ

भोपाल
प्रबंधन और वाणिज्य में नवीन अनुसंधान और सतत विकास विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का शुभारंभ करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अनुसंधान आधारित विकास लाभप्रद है। हमें अपनी सनातन संस्कृति और मूल्यों से जुड़े रहकर विकास करना होगा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के एमबीए विभाग द्वारा पं. शम्भूनाथ शुक्ल सभागार में आयोजित कांफ्रेंस में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आर्थिक तरक्की के लिये भारतीय मूल्यों को दाव पर न लगायें। युवा नवाचार करें, अनुसंधान करें। प्रदेश और देश को सतत विकास की ओर ले जाने के लिये आगे आयें।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमें अपनी भारतीय ज्ञान परंपरा से हटकर कार्य नहीं करना चाहिए यदि हम रास्ते से भटके तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। प्राकृतिक खेती अनुसंधान से ही निकला ज्ञान है जिसके माध्यम से हम अपने और परिवार के साथ ही धरती को स्वस्थ रख पायेंगे। उन्होंने कहा कि मंथन से निकला ज्ञान छात्रों के साथ ही समाज के लिये लाभदायक होगा। हमारा देश विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। हम 2047 तक विश्वगुरू तो बनेंगे ही साथ ही आने वाले समय में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और कहा कि वह नौकरी देने वाले बनें नौकरी करने वाले नहीं।

प्रभारी कुलगरू प्रो. सुनील तिवारी ने कहा कि सतत विकास ही सनातन की परिकल्पना है। लगातार हो रहे वर्ग संघर्ष के इस दौर में मानवता को संरक्षित रखने की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति ही विश्व में शांति स्थापित करने में सक्षम है। उन्होंने टिकाऊ व सतत विकास की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. पद्मेश कुमार ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा को जोड़ने का कार्य किया गया है। प्रबंधन और वाणिज्य मुनाफे तक सीमित न रहे। प्रभाव आधारित अनुसंधान उपयोगी है। बिना नवाचार के विकास अधूरा है। अमेरिका से आयीं डॉ. प्रतिभा सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक विकास में नवीन शोध व स्थायी विकास आवश्यक है। अडानी ग्रुप की एनेट एफ विश्वास ने कहा कि मैनेजमेंट व वाणिज्य एक दूसरे को लाभ प्रदान करते हैं। विकास ऐसा हो जो आने वाली पीढ़ी के लिये वरदान बने। जिम्मेदार संस्थान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विभागाध्यक्ष एमबीए विभाग डॉ. अतुल पाण्डेय ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में 110 रिसर्च स्कालर उपस्थित है और 85 ऑनलाइन जुड़ेंगे। इस दौरान 100 से अधिक शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण होगा। उन्होंने बताया कि 6 देशों के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं। कुल सचिव श्री सुरेन्द्र सिंह परिहार सहित देश, विदेश के विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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