कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला का शमाइल नदवी पर हमला: ‘संविधान के ऊपर कोई नहीं, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए’

Dec 29, 2025 - 11:14
 0  7
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला का शमाइल नदवी पर हमला: ‘संविधान के ऊपर कोई नहीं, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए’

 नई दिल्ली

ईश्वर के अस्तित्व पर डिबेट में हिस्सा लेने वाले मुफ्ती शमाइल नदवी अब अपने विवादित बयान के कारण चर्चा में हैं। यही नहीं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कांग्रेस के सीनियर नेता राजीव शुक्ला ने भी कर दी है। मौलाना नदवी के विवादित बयान वाला वीडियो शुजात अली कादरी ने एक्स पर शेयर किया था। इसी को रीपोस्ट करते हुए राजीव शुक्ला ने कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लिखा, 'इस मौलाना के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए । संविधान के ऊपर कुछ नहीं है।' मौलाना मुफ्ती शमाइल नदवी ने कहा था कि भारत में मुसलमान गलत रास्ते पर चलते रहे हैं। उन्होंने हमेशा यह सोचा कि सेकुलर शासन और पार्टियां उनके हित में होंगी। ऐसा नहीं है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ेंउन्होंने कहा कि मुसलमान हमेशा अपने दीन से ऊपर संविधान को रखते आए हैं, लेकिन ऐसा करना गलत था। नदवी ने कहा था, 'हम चाहते हैं कि हमारे मौजूदा हालात ठीक हो जाएं तो उसका हल किसी सियासी पार्टी में नहीं है बल्कि दीन में है। हमारा इस मुल्क में एप्रोच गलत रहा। हम यह कहते फिरते रहे कि हमारा वतन हमारे दीन से ज्यादा मुकद्दस है। हम यह कहते रहे कि सेकुलर निजाम हमारे दीन से ज्यादा बेहतर है। यह तय करते रहे कि फलां दरबार से फैसला हो जाएगा तो हम उसे स्वीकार कर लेंगे। क्या ऐसा किया जा सकता है। यदि किसी मामले में अल्लाह ने कोई फैसला कर लिया है तो यह जायज नहीं है कि उसकी बजाय हम किसी और की बात को मानें।'

मुफ्ती शमाइल नदवी की ओर से दिए बयान को लेकर आपत्ति इसलिए है क्योंकि उन्होंने संविधान और देश से ऊपर दीन को रखने की बात कही है। पहले भी ऐसे सवाल उठते रहे हैं कि आखिर कट्टरपंथी मुसलमान देश से पहले मजहब की बात क्यों करते हैं। ऐसे में नदवी के बयान ने उस सवाल को फिर से खड़ा किया है। मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन शुजात अली कादरी ने भी सवाल उठाया है।
शुजात अली कादरी ने लिखा- हमारा रास्ता वहाबी शरीयत नहीं है

उन्होंने लिखा, 'मौलाना नदवी का यह बयान भारत के संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ है। भारत का मुसलमान न तो हिन्दू राष्ट्र का समर्थक है और न ही वहाबी शरीयत के नाम पर किसी धार्मिक शासन का। हमारा रास्ता संविधान, लोकतंत्र और समान नागरिक अधिकार हैं। ऐसे बयान अनुच्छेद 14, 15, 19 व 25 की भावना के ख़िलाफ़ हैं और BNS धारा 196 व 197 के तहत दंडनीय हैं।'

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0