DAVV इंदौर में 50 सालों की अंकसूची-डिग्रियां होंगी ऑनलाइन, छात्रों को मिलेगा लाभ

Jul 13, 2025 - 04:14
 0  6
DAVV इंदौर में 50 सालों की अंकसूची-डिग्रियां होंगी ऑनलाइन, छात्रों को मिलेगा लाभ

 इंदौर
 देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) अब अपने 50 साल पुराने शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने जा रहा है। यह कदम विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है। इस परियोजना के पहले चरण में वर्ष 1970 से लेकर 2020 तक के विद्यार्थियों की अंकसूचियों (Mark Sheets), डिग्रियों और टेबुलेशन चार्ट्स (Tabulation Charts) को डिजिटलाइज किया जाएगा।

रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के बाहर नहीं भेजे जाएंगे

विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी गोपनीय दस्तावेज को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर नहीं भेजा जाएगा। इसके लिए आरएनटी मार्ग स्थित नालंदा परिसर में ही संबंधित आईटी कंपनी का कार्यालय स्थापित किया जा रहा है। यह कंपनी डिजिटलीकरण का सारा कार्य विश्वविद्यालय परिसर में ही करेगी।

पुराने दस्तावेजों की हालत खराब

डीएवीवी की स्थापना 1964 में हुई थी और वर्षों से जमा रिकॉर्ड अब जर्जर होने लगा है। कई दस्तावेजों में दीमक लग चुकी है, टेबुलेशन चार्ट्स क्षतिग्रस्त हो गए हैं और जगह की भी कमी हो रही है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने डिजिटल संरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया है।

50 सालों में लाखों छात्रों का रिकॉर्ड

1970 से 2020 तक विश्वविद्यालय से लाखों छात्रों ने स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी, बीबीए आदि पाठ्यक्रमों के छात्रों का पूरा डेटा अब डिजी-लॉकर (DigiLocker) में संरक्षित किया जाएगा।

साल 2018 से चल रही थी तैयारी

वर्ष 2018 में ही विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल की थी। राजभवन द्वारा एक समिति बनाई गई थी जिसमें कई विश्वविद्यालयों के अधिकारी शामिल थे। कई सॉफ्टवेयर कंपनियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी थीं, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते प्रक्रिया धीमी हो गई। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग ने डेटा डिजिटलीकरण को अनिवार्य किया है।

80 हजार छात्रों का डेटा पहले से ऑनलाइन

वर्तमान में DAVV ने सत्र 2023-24 में स्नातक अंतिम वर्ष के 80 हजार छात्रों का डेटा पहले ही ऑनलाइन कर दिया है। अब यह काम पुराने रिकार्ड्स तक भी विस्तार पा रहा है।

10 महीनों में पूरा होगा कार्य

आईटी कंपनी को रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के लिए 10 महीनों की डेडलाइन दी गई है। कार्य पूरा होने के बाद डेटा विशेष सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा, जिसे कभी भी कर्मचारी या संबंधित विभाग देख सकेंगे। इससे न केवल प्रशासन को सुविधा होगी, बल्कि छात्रों को भी भविष्य में दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ने पर तुरंत लाभ मिलेगा। डॉ. राकेश सिंघई, कुलगुरु, डीएवीवी ने बताया कि विश्वविद्यालय पूरी पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ इस कार्य को शीघ्र पूरा करेगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0