राजस्थान में ट्रैफिक चालान का नकद भुगतान बंद, अब सिर्फ ऑनलाइन सिस्टम लागू

Apr 30, 2026 - 16:14
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राजस्थान में ट्रैफिक चालान का नकद भुगतान बंद, अब सिर्फ ऑनलाइन सिस्टम लागू

जयपुर

 राजस्थान की सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने ट्रैफिक चालान के भुगतान को लेकर एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। 27 अप्रैल को जारी एक गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब राजस्थान में ट्रैफिक चालान का नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब अगर आपका चालान कटता है, तो आपको अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही जुर्माना भरना होगा।

भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता पर जोर
सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और मैनुअल हैंडलिंग को खत्म करना है। अक्सर सड़कों पर पुलिसकर्मी और वाहन चालकों के बीच लेन-देन को लेकर होने वाले विवाद और भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब हर ट्रांजेक्शन का एक डिजिटल रिकॉर्ड होगा, जिससे विभाग के पास सटीक डेटा रहेगा कि कितना जुर्माना वसूला गया और किस उल्लंघन के लिए वसूला गया।

ITMS पोर्टल पर होगा भुगतान
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'वाहन मालिकों और चालकों को अब अपने ई-चालान का भुगतान सीधे ITMS (Intelligent Traffic Management System) पोर्टल के माध्यम से करना होगा।' इस ऑनलाइन सिस्टम से न केवल जुर्माना जमा करना आसान होगा, बल्कि अधिकारियों के लिए भी इसकी निगरानी करना सरल हो जाएगा।

किसे मिला चालान काटने का अधिकार?
नए नियमों के तहत अधिकारियों की शक्तियों में भी फेरबदल किया गया है। अब पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल और उससे ऊपर के रैंक के पुलिसकर्मी ही ट्रैफिक उल्लंघन पर चालान काटने के लिए अधिकृत होंगे। उनके साथ परिवहन विभाग के अधिकृत अधिकारी भी यह कार्रवाई कर सकेंगे।

शिकायत निवारण के लिए नए प्रावधान
अक्सर लोग गलत चालान कटने की शिकायत करते हैं, लेकिन उन्हें समाधान नहीं मिलता था। नई व्यवस्था में इसका भी ध्यान रखा गया है। अधिकारी ने बताया कि यदि किसी को अपने चालान को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत है, तो इसके लिए नामित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी शिकायतों की सुनवाई करेंगे, जिससे जनता के लिए विवाद सुलझाना आसान हो जाएगा।

क्या अब राजस्व की चोरी रुकेगी?
यह आदेश केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 के तहत लागू किया गया है। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल शिफ्ट से न केवल राजस्व की चोरी रुकेगी, बल्कि जनता को भी रसीद कटवाने और दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। तो अब अगली बार जब आप घर से बाहर निकलें, तो सुनिश्चित करें कि आपके मोबाइल में डिजिटल पेमेंट की सुविधा चालू हो, क्योंकि अब राजस्थान की सड़कों पर 'नकद' की रसीद नहीं कटेगी।

 

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