दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: प्रदूषण फैक्ट्रियों पर अब सीधे ताला

Dec 22, 2025 - 12:44
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दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: प्रदूषण फैक्ट्रियों पर अब सीधे ताला


नई दिल्ली

दिल्ली में प्रदूषण संकट से निपटने के लिए भाजपा सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने उन सभी फैक्ट्रियों को बंद करने का फैसला किया है, जिनसे वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को घोषणा की कि प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों को बिना किसी नोटिस के सील किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार ने अवैध फैक्ट्रियों पर भी सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है चाहे वे प्रदूषणकारी हों या नहीं।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि प्रदूषण फैलाने वाली और ओसीईएम (OCEM) के लिए आवेदन न करने वाली फैक्ट्रियों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों की पहचान कर ली है, और आज से एक सघन अभियान शुरू किया जा रहा है। सिरसा ने दो टूक कहा, “इन फैक्ट्रियों को बिना किसी नोटिस के सील किया जाएगा। अब कोई मौका नहीं दिया जाएगा। पहले ही सभी को पर्याप्त अवसर मिल चुके हैं, इसलिए आज से सीलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है।” उन्होंने यह भी बताया कि जिन उद्योगों ने ओसीईएम के लिए आवेदन नहीं किया है जबकि 31 तारीख इसकी अंतिम तिथि थी उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में अवैध उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राजधानी में तीन तरह की इंडस्ट्री संचालित होती हैं अधिकृत, नियमित और अवैध। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अवैध उद्योगों को 100 फीसदी बंद किया जाना अनिवार्य है, चाहे वे प्रदूषण फैलाती हों या नहीं। इसी निर्देश के तहत एमसीडी इन सभी अवैध इकाइयों पर सीलिंग अभियान चला रही है। इसके साथ ही, मंत्री ने वर्क फ्रॉम होम की अनिवार्यता का पालन न करने वाली कंपनियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को जानकारी मिली है कि कई निजी कंपनियां इस दिशा-निर्देश का पालन नहीं कर रहीं। उन्होंने साफ कहा कि नियमों का पालन अनिवार्य है, और यदि किसी कंपनी के खिलाफ नाम सहित शिकायत मिलती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि अगले 24 घंटों में मौसम में सुधार की संभावना है, जिससे राजधानी के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में और गिरावट देखने को मिल सकती है। उन्होंने बताया कि रात में सड़कों की धुलाई का अभियान लगातार जारी है। प्रतिदिन लगभग 35 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद मिल रही है।

मंत्री ने बताया कि दिल्ली को मलबा-मुक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अब तक लाखों मीट्रिक टन मलबा हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि डीडीए और राजस्व विभाग के सहयोग से जलाशयों का पुनर्जीवन किया जाएगा। इस वर्ष कम से कम 50% लुप्त जलाशयों को उनकी मूल अवस्था में बहाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उनके अनुसार, यह कदम प्रदूषण पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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