हरियाणा में स्कूल टाई पर बड़ा फैसला, बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी एडवाइजरी

Jul 10, 2026 - 15:14
 0  9
हरियाणा में स्कूल टाई पर बड़ा फैसला, बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी एडवाइजरी

पंचकूला
स्कूल यूनिफार्म में वर्षों से शामिल पारंपरिक टाई अब बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा मानी जा रही है। देशभर में टाई के फंसने से बच्चों की मौत के कई दर्दनाक मामलों के बाद हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एचएससीपीसीआर) ने बड़ा कदम उठाते हुए स्कूलों को पारंपरिक टाई का इस्तेमाल बंद करने की सलाह दी है।

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एचएससीपीसीआर) ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी स्कूलों में पारंपरिक (कन्वेंशनल) स्कूल टाई के इस्तेमाल को बंद करने की सलाह दी है।

आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग को एडवाइजरी जारी कर इसे सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा-13 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आए उन दर्दनाक हादसों का संज्ञान लिया है, जिनमें स्कूल जाने वाले बच्चों की मौत पारंपरिक टाई के झूले, दीवार के हुक, गेट या अन्य वस्तुओं में फंसने से गला घुटने के कारण हुई। आयोग का कहना है कि ये घटनाएं दुर्घटनावश जरूर हुईं, लेकिन इन्हें रोका जा सकता है।

पारंपरिक टाई बनी खतरे की वजह
आयोग के अनुसार स्कूलों में पारंपरिक टाई केवल यूनिफॉर्म, अनुशासन और औपचारिकता का हिस्सा होती है, लेकिन यही टाई खेलते समय या अन्य गतिविधियों के दौरान किसी वस्तु में फंस जाए तो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में जब सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं तो केवल परंपरा के नाम पर बच्चों को इस जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए।

सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह
एचएससीपीसीआर ने स्कूलों को सलाह दी है कि यदि यूनिफॉर्म में टाई रखना आवश्यक हो तो पारंपरिक टाई की जगह क्लिप-ऑन (ब्रेकअवे) या वेल्क्रो (क्विक-रिलीज) टाई का उपयोग किया जाए। ये टाई खिंचाव पड़ते ही आसानी से खुल जाती हैं, जिससे गला घुटने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम हो जाता है।

एडवाइजरी के प्रमुख निर्देश
स्कूल यूनिफार्म में पारंपरिक टाई को अनिवार्य रूप से शामिल करने की व्यवस्था समाप्त की जाए।

आवश्यकता होने पर केवल क्लिप-ऑन (ब्रेकअवे) या वेल्क्रो (क्विक-रिलीज) टाई का ही उपयोग किया जाए।

जब तक सुरक्षित टाई लागू नहीं होती, तब तक खेलकूद, शारीरिक शिक्षा (पीटी) की कक्षाओं, खेल मैदान और अन्य जोखिम वाली गतिविधियों के दौरान बच्चों को पारंपरिक टाई न पहनाई जाए।

शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों को पारंपरिक टाई से जुड़े संभावित खतरों के प्रति जागरूक किया जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग को दिए निर्देश
आयोग की अध्यक्ष त्रिप्ती ने स्कूल शिक्षा विभाग से कहा है कि इस एडवाइजरी को राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों तक तत्काल पहुंचाया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी यूनिफार्म परंपरा से अधिक महत्वपूर्ण है। यदि सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं तो स्कूलों को उन्हें अपनाने में देर नहीं करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद और टाली जा सकने वाली घटनाओं को रोका जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0