US हमले का ईरान ने लिया बदला! कुवैत-बहरीन बने निशाना, 85 सैन्य ठिकानों पर हमला; होर्मुज संकट और गहराया
तेहरान
अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए. अमेरिकी सेना ने इन हमलों को शक्तिशाली बताया है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया था. इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले किए. इन सैन्य हमलों से कुछ ही समय पहले अमेरिका ने ईरान को दी गई एक अस्थायी प्रतिबंध छूट भी वापस ले ली. इस छूट के तहत ईरान को जून में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर कच्चे तेल का उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति करने की अनुमति मिली हुई थी. यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अमेरिका ने इसे समय से पहले ही समाप्त कर दिया।
अब तक क्या-क्या हुआ?
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन जहाजों, जिनमें कतर और सऊदी अरब के तेल टैंकर भी शामिल हैं, पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर शक्तिशाली सैन्य हमले शुरू कर दिए।
ईरानी मीडिया के मुताबिक ईरान के सीरिक बंदरगाह शहर, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं।
अमेरिका ने 17 जून को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के तहत ईरान को तेल बेचने की दी गई विशेष छूट (वेवर) भी रद्द कर दी है।
इजरायली लड़ाकू विमानों ने किए लेबनान में हमले
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने रात के दौरान दक्षिणी लेबनान में तीन चरणों में हवाई हमले किए. रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले बिंत जुबैल जिले के बैत याहून, कुनिन और ब्राचीत कस्बों के बीच के इलाकों को निशाना बनाकर किए गए. फिलहाल इन हमलों में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को खतरा, यूएस ने किया अलर्ट
तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा दिया है. जहाजों को ज्यादा सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. समुद्री एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस इलाके में नौसैनिक गश्त और सुरक्षा जांच और बढ़ सकती है।
ईरान पहले भी कहता रहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाज उसके तय किए गए रास्ते का ही इस्तेमाल करें. जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे ओमान और यूएई के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे थे. इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि यह हमला दूसरे जहाजों को चेतावनी देने के लिए किया गया हो. हालांकि, ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
कतर ने अपने टैंकर पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है. वहीं बहरीन ने भी सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर चल रही बातचीत भी फिलहाल रुकती हुई नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में फिर से अनिश्चितता का माहौल बन गया है. हालांकि, अली खामेनेई के जनाजे के बीच दोनों देशों की बातचीत आधिकारिक रूप से रुकी हुई है।
बहरीन में तीसरी बार बजे एयर रेड सायरन, ईरान अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर रहा हमले
बहरीन में को तीसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. इसी बीच, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइल हमलों का एक नया दौर शुरू कर दिया है. IRIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के नए मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं. हालांकि, ईरान के इस दावे की अभी तक अमेरिका या बहरीन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के बुशेहर शहर के आसपास सुने गए धमाके
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, बुधवार सुबह दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशेहर और उसके आसपास के इलाकों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि, एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित खार्ग द्वीप पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है. मेहर ने अपने स्थानीय संवाददाता के हवाले से कहा कि खार्ग द्वीप पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. फिलहाल धमाकों के कारण और किसी संभावित नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
IRGC ने किया दावा- बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को बनाया निशाना
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के ताजा हवाई हमलों के जवाब में की गई. ईरानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. सेना ने चेतावनी दी कि अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब ईरान के सैन्य ड्रोन के वैध लक्ष्य होंगे. यह बयान ऐसे समय आया है, जब बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए. गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों में निशाना बनाया है।
बहरीन में फिर बजे एयर रेड सायरन
बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और तुरंत अपने सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है. गृह मंत्रालय ने कहा कि सायरन एहतियात के तौर पर बजाए गए हैं और लोगों को सुरक्षा संबंधी सभी सरकारी निर्देशों का पालन करना चाहिए. यह आज सुबह दूसरी बार है, जब पूरे देश में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की जानकारी मिलने पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे।
ईरान का दावा- बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपनी नौसेना और एयरोस्पेस बलों के साथ मिलकर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है. ईरान के अनुसार, इस अभियान में बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया. IRGC का कहना है कि हमले में बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय और कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाया गया. ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से संघर्ष विराम और इस्लामाबाद समझौते के कथित उल्लंघन के जवाब में की गई है. IRGC के मुताबिक, अमेरिका ने इससे पहले होर्मोज़गान और माहशहर में तटीय ठिकानों और गैर-सैन्य स्थानों पर हवाई हमले किए थे।
अमेरिका ने फिर किए ईरान पर हमले, ट्रंप के वादे पर उठे सवाल
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर नए सैन्य हमले किए हैं। ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के सात दिन के शोक और अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका कोई हमला नहीं करेगा. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. वॉशिंगटन के अनुसार, इन जहाजों की सुरक्षा के लिए जवाबी सैन्य कार्रवाई जरूरी थी. इन ताजा हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है।
IRGC का दावा- बुशेहर के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बुशेहर प्रांत के खोरमुज क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है. ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहबी ने कहा कि अमेरिकी सेना की ओर से कथित हवाई कार्रवाई के बाद ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन को निशाना बनाया और उसे गिरा दिया. हालांकि, इस दावे की अभी तक अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अमेरिका ने किया समझौता का बड़ा उल्लंघन: गालिबाफ
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अमेरिका पर समझौता ज्ञापन (MoU) के कई बड़े उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो दोनों देशों के बीच हुए समझौते के खिलाफ हैं. गालिबाफ का कहना है कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है तथा अमेरिका ने समझौते की भावना का सम्मान नहीं किया।
बहरीन में एयर रेड सायरन बजे, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ी टेंशन के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और बिना घबराए अपने सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए : अमेरिका
अमरीका का हमला हॉर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. अमेरिका ने बताया है कि हमले में जिन लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, उनमें वायु रक्षा प्रणालियां, कमांड एवं कंट्रोल (C2) नेटवर्क, तटीय रडार, जहाज-रोधी मिसाइलें और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की 60 से अधिक छोटी नौकाएं शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर किया गया है. हाल ही में मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला तेल टैंकर M/T Al Rekayyat, सऊदी अरब का M/T Wedyan और लाइबेरिया के ध्वज वाला M/T Cyprus Prosperity निशाना बने थे।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की चेतावनी, कहा- मिलेगा करारा जवाब
अमेरिका की ओर से दक्षिणी ईरान में किए गए ताजा सैन्य हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी सेना ने कहा है कि वह इस कार्रवाई का करारा और निर्णायक जवाब देगी. ईरान के खातम-अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने एक बयान जारी कर अमेरिकी हमलों को खुला आक्रमण बताया. सेना का कहना है कि ये हमले ऐसे समय किए गए, जब ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर की इराक में अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी. ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है. साथ ही चेतावनी दी कि वह अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
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