RBI का DEA Fund: 10 साल से निष्क्रिय खातों का पैसा ऐसे करें वापस क्लेम
नई दिल्ली
क्या आपके या आपकी फैमिली के किसी मेंबर का पुराना बैंक अकाउंट लंबे टाइम से यूज नहीं हुआ है? या फिर किसी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD की मैच्योरिटी के बाद उसकी रकम को किसी ने भी क्लेम नहीं किया है, तो ऐसे मामलों में आपका ये डिपाजिट हमेशा के लिए गायब नहीं होता बल्कि आप इस पैसे को वापस पा सकते हैं।
जी हां, भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के पास ऐसी रकम को सुरक्षित रखने की खास व्यवस्था है और सही प्रोसेस अपनाकर इसे दोबारा हासिल किया जा सकता है। RBI ने ऐसे निष्क्रिय और बिना दावे वाले एकाउंट्स की रकम को संभालने के लिए Depositor Education and Awareness यानी DEA Fund बना रखा है।
मई 2014 में शुरू किए गए इस फंड में उन एकाउंट्स का पैसा ट्रांसफर किया जाता है, जो लगातार 10 साल तक इनएक्टिव हैं या जिनकी जमा राशि पर कोई दावा नहीं किया गया है
कब 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' बन जाती है आपका पैसा?
RBI के रूल्स के अनुसार अगर किसी सेविंग्स या करंट अकाउंट में 10 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता या किसी FD की मैच्योरिटी के 10 साल बाद तक रकम नहीं निकाली जाती, तो उस पैसे को इस Unclaimed Deposit में रखा जाता है। इसके बाद बैंक उस राशि को DEA Fund में भेज देता है।
हालांकि सबसे अच्छी बात ये है कि बैंक अकाउंट होल्डर या उसके कानूनी उत्तराधिकारी बाद में भी इस रकम को ले सकते हैं। ब्याज वाले अकाउंट के मामले में लागू रूल्स के मुताबिक ब्याज भी दिया जाता है।
UDGAM Portal से कैसे ढूंढे अपना भुला हुआ पैसा?
इस काम को आसान बनाने के लिए RBI ने UDGAM यानी Unclaimed Deposits-Gateway to Access Information पोर्टल काफी पहले लॉन्च किया था। आज आप इस पोर्टल के जरिए एक ही जगह पर कई बैंक अकाउंट में मौजूद अनक्लेम्ड डिपॉजिट की डिटेल्स देख सकते हैं।
सबसे पहले तो इसके लिए आपको अपना नाम और मोबाइल नंबर एंटर करके रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। इसके बाद अकाउंट होल्डर का नाम, बैंक का नाम और PAN, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या जन्मतिथि जैसी डिटेल्स देकर सर्च करना होगा। अगर आपके पास इनमें से कोई डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं है तो भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। आप अकाउंट होल्डर का एड्रेस एंटर करके भी सर्च कर सकते हैं।
कैसे वापस मिलेगा Unclaimed पैसा?
अनक्लेम्ड पैसा वापस लेने के लिए सबसे पहले तो अकाउंट होल्डर या कानूनी उत्तराधिकारी को संबंधित बैंक में दावा करना होगा। इसके बाद बैंक वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करेगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ग्राहक को रकम और लागू ब्याज दिया जाएगा।
क्लेम करना है काफी आसान
सबसे पहले अपने बैंक की किसी भी ब्रांच में जाएं।
आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे KYC डाक्यूमेंट्स के साथ क्लेम फॉर्म जमा करें।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने के बाद बैंक आपकी राशि वापस कर देगा।
किन अकाउंट का पैसा DEA Fund में जाती है?
दरअसल DEA Fund में सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट, FD, RD, कैश क्रेडिट अकाउंट, अनक्लेम्ड डिमांड ड्राफ्ट, बैंकर चेक, NEFT क्रेडिट बैलेंस, प्रीपेड कार्ड बैलेंस और कई तरह के अन्य इनएक्टिव अकॉउंटस की राशि इसमें शामिल की जाती है।
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