RTE एडमिशन में पारदर्शिता: CM विष्णु देव साय की मौजूदगी में बच्चों ने लॉटरी से चुने स्कूल

Apr 16, 2026 - 07:14
 0  8
RTE एडमिशन में पारदर्शिता: CM विष्णु देव साय की मौजूदगी में बच्चों ने लॉटरी से चुने स्कूल

दुर्ग.

बच्चों की किस्मत की लॉटरी आखिरकार खुल गई। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों के क्लास वन में प्रवेश देने के लिए लाटरी के माध्यम से स्कूलों का चयन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में निकाली गई। प्रथम चरण की लॉटरी में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किया गया है।

दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों में आरटीई की इस बार कुल 1427 सीटें है। जबकि स्वीकृत आवेदनों की संख्या 1899 है। प्रथम चरण की लॉटरी के लिए इस बार सहायक संचालक, 5 पालक, निजी विद्यालय संगठन से जुड़े 2 पदाधिकारी, 2 पालक संघ के प्रतिनिधि तथा 2 मीडिया प्रभारी को विशेष रूप से रायपुर बुलाया गया था। इनकी मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई। विभाग की ओर सहायक संचालक समृद्धि जोशी तथा आरटीई कक्ष प्रभारी राजदीप मौजूद थे।

दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों के प्रारंभिक कक्षाओं में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत भर्ती के लिए 3485 ऑनलाइन आवेदन मिले थे। इनमें से 900 यानी करीब 26% आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। केवल 1899 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। इन्हीं आवेदनों पर लॉटरी 15 अप्रैल को निकाली गई। अब 1 मई से 30 मई तक स्कूल दाखिला की प्रक्रिया की जाएगी। वैसे इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है। इस वर्ष केजी-1, केजी – 2 तथा नर्सरी का कांसेप्ट खत्म कर दिया गया है। इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी। पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी। यानी इस बार 2840 सीटों की कटौती की गई है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0