MLC टिकट बंटवारे पर RJD में घमासान, रोहिणी आचार्य की पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल

Jun 8, 2026 - 15:44
 0  8
MLC टिकट बंटवारे पर RJD में घमासान, रोहिणी आचार्य की पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल

 पटना

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) द्वारा विधान परिषद चुनाव के लिए सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी और पार्टी नेता रोहिणी आचार्य ने इस फैसले पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक तीखी पोस्ट साझा की है. उनकी पोस्ट को पार्टी के भीतर असंतोष और आंतरिक मतभेदों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। 

रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किसी का नाम लिए बिना ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने पर नाराजगी जताई. उन्होंने लिखा कि गुटबाजी - भीतरघात - विश्वासघात , मक्कारी जिसकी फितरत , विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात बता कर उगाही - वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं - पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन - बेटियों के बारे में ओछी - अमर्यादित बातें करता है, उसको कैसे "उसके" ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया।  

रोहिणी की पोस्ट से चर्चाओं का दौर शुरू
रोहिणी ने अपनी पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि क्या पार्टी में अब समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं व नेताओं की कमी हो गई है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने और पार्टी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी गई है, वे ऐसे व्यक्तियों को आगे बढ़ा रहे हैं. जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। 

आरजेडी नेता की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर सुनील कुमार सिंह की उम्मीदवारी से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि रोहिणी ने अपने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे उसी फैसले के खिलाफ प्रतिक्रिया माना जा रहा है. उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बिहार में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। 

रोहिणी ने पार्टी के भविष्य को लेकर भी जताई चिंता
रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित, सम्मानित , जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं. यादव , दलित , पिछड़े व वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व युवा लोग हैं , ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में तो कतई नहीं है। 

फिलहाल आरजेडी की ओर से रोहिणी आचार्य की टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन उनकी पोस्ट ने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व से जुड़े सवालों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0