साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई तक पहुंचा ‘बर्थडे गिफ्ट’, पूर्व DSP पर गंभीर आरोप

May 20, 2026 - 11:14
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साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई तक पहुंचा ‘बर्थडे गिफ्ट’, पूर्व DSP पर गंभीर आरोप

चंडीगढ़.

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवादित टीवी इंटरव्यू मामले की जांच के बीच पंजाब पुलिस और गैंगस्टर नेटवर्क की कथित सांठगांठ को लेकर एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में सामने आया है कि जिस समय लारेंस के इंटरव्यू प्रकरण की जांच चल रही थी, उसी दौरान पंजाब पुलिस के एक डीएसपी ने उसके जन्मदिन पर अहमदाबाद की साबरमती जेल में खास तोहफा भिजवाया।

इस दावे ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है और एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि क्या कुछ पुलिस अधिकारी गैंगस्टरों के साथ सीधे संपर्क में थे। सूत्रों के अनुसार, मामला पंजाब पुलिस के पूर्व डीएसपी गुरशेर सिंह संधू से जुड़ा है। वही गुरशेर सिंह संधू, जिन्हें लारेंस बिश्नोई के विवादित इंटरव्यू में कथित मदद देने के आरोप में पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।

पूछताछ रिपोर्ट में क्या दावा?
अब एक पूछताछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फरवरी 2024 में उन्होंने लारेंस के लिए जन्मदिन का तोहफा भेजा था। इसमें टोपियां, मुरब्बे का डिब्बा और कुछ अन्य सामान शामिल बताया गया है, जिसे उसके करीबी के माध्यम से साबरमती जेल तक पहुंचाया गया। यह खुलासा बिश्नोई गिरोह के सदस्य रहे राजवीर सिंह उर्फ रवि राजगढ़ के बयान में हुआ है। जुलाई 2025 में आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार राजवीर ने पूछताछ के दौरान बताया कि 10 फरवरी 2024 को उसे लॉरेंस बिश्नोई का फोन आया था।

फोन पर उसे निर्देश दिया गया कि वह मोहाली के फेज-7 स्थित डीएसपी कार्यालय से कुछ सामान ले और अगले दिन 11 फरवरी को, जो लारेंस का जन्मदिन था, अहमदाबाद पहुंचा दे। इसके बाद वह कार्यालय गया, जहां से उसे सामान सौंपा गया। अगले दिन वह एक अन्य साथी सुपिंदर सिंह के साथ हवाई जहाज से अहमदाबाद पहुंचा और साबरमती जेल में यह सामान लारेंस तक पहुंचाया।

विवादित इंटरव्यू को लेकर दर्ज हुई थी FIR
पूछताछ रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब लॉरेंस के विवादित इंटरव्यू को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हो चुकी थी और मामला स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के पास था।
ऐसे में जांच के दौरान ही एक पुलिस अधिकारी द्वारा गैंगस्टर को उपहार भेजे जाने का दावा पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पुलिस महकमे के भीतर कुछ अधिकारी गैंगस्टरों को विशेष सुविधा और संरक्षण मुहैया करा रहे थे। गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद लारेंस बिश्नोई के लगातार दो टीवी इंटरव्यू सामने आए थे। इन इंटरव्यू ने देशभर में सनसनी मचा दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद गठित एसआईटी ने जांच में पाया था कि सितंबर 2022 में खरड़ सीआईए कार्यालय में यह इंटरव्यू रिकॉर्ड किए गए थे।

लॉरेंस डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की हिरासत में था
उस दौरान लॉरेंस डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की हिरासत में था। जांच में यह भी सामने आया था कि सीआईए कार्यालय को अस्थायी स्टूडियो की तरह तैयार किया गया था। इस मामले में अक्टूबर 2024 में दो डीएसपी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। बाद में 2025 की शुरुआत में गुरशेर सिंह संधू को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वह तब से फरार है। अब नए खुलासे के बाद जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल में जुट सकती हैं कि क्या यह सिर्फ उपहार भेजने तक सीमित मामला था या पुलिस और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संपर्क की कड़ियां इससे कहीं ज्यादा गहरी थीं।

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