भाजपा में बदले सियासी समीकरण, निखिल सोनी की नियुक्ति से कई नेताओं के बदले राजनीतिक समीकरण

Jul 9, 2026 - 14:14
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भाजपा में बदले सियासी समीकरण, निखिल सोनी की नियुक्ति से कई नेताओं के बदले राजनीतिक समीकरण

इंदौर 

 इंदौर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नगर अध्यक्ष पद पर निखिल सोनी की नियुक्ति ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानिए कैसे आखिरी समय में बदले समीकरण और क्यों पीछे रह गए दूसरे दावेदार।

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा में इंदौर नगर अध्यक्ष पद पर निखिल सोनी की नियुक्ति से गुरुवार को भी सभी हैरान हैं। इस घोषणा ने सबको चौंका दिया था, क्योंकि विजय बिंजवा का नाम लगभग तय माना जा रहा था। उनका नाम पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने ही दिया था, लेकिन आखिरी समय पर नगर भाजपा अध्यक्ष की सलाह पर यू टर्न ले लिया गया। उन्होंने एक नंबर विधानसभा के ही युवा व अच्छी टीम वाले निखिल सोनी के नाम पर सहमति दे दी।

पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने तीन जिलों के अध्यक्षों की घोषणा की है, जिसमें इंदौर नगर में निखिल सोनी को नियुक्ति से सभी हैरान हैं। जैसे ही सोनी का नाम सामने आया वैसे ही मोर्चा के कई नेताओं की जमीन खिसक गई, क्योंकि वे सोनी को अध्यक्ष का गंभीर दावेदार ही नहीं मान रहे थे। उन्हें लग रहा था कि ऐसे ही पैनल में नाम दिया गया होगा। सबसे ज्यादा झटका विजय बिंजवा को लगा जो खुद को बना हुआ मान रहे थे, क्योंकि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ने उनका नाम प्राथमिकता से दिया था और पैनल में भी सबसे ऊपर था।

पर्दे के पीछे की कहानी
विजय का नाम सामने आने पर विरोध शुरू हो गया था। ये बात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे आकाश के साथ नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा तक भी पहुंची। आखिर में आकाश और मिश्रा के बीच में चर्चा हुई। इधर, क्षेत्रीय संतुलन और सबसे ज्यादा पिछड़ा वर्ग की आबादी एक नंबर में होने की वजह से मोर्चे का अध्यक्ष क्षेत्र से ही बनाना था जिसके चलते आकाश ने निखिल सोनी के नाम पर सहमति दे दी। मंजूरी मिलते ही मिश्रा ने सोनी के नाम को आगे बढ़ा दिया, जिसके बाद बिंजवा के बजाए सोनी को मौका दे दिया गया।

बताते हैं कि युवा होने के साथ सोनी के पास कार्यकर्ताओं की अच्छी टीम है। मजेदार बात ये है कि सोनी का नाम पैनल में आठवें नंबर पर था तो एक नंबर विधानसभा से संतोष यादव भी दावेदार थे।

रखी गई थी नजर
हाल ही में नगर भाजपा के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन रखा गया था जिसमें सभी नेताओं को भीड़ जुटाने के निर्देश दिए थे। खासतौर पर उन्हें जो कि मोर्चा व प्रकोष्ठ में अध्यक्ष व संयोजक पद के दावेदार हंै। बताते हैं कि बारीकी से सभी दावेदारों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। बिंजवा को बनाने से पहले भीड़ लाने के लिए कहा था ताकि परीक्षा हो जाए, लेकिन वे संख्या लेकर नहीं पहुंचे थे जबकि कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पाटीदार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे।

चारों खाने चित चौधरी
पिछड़ा वर्ग मोर्चा में नगर अध्यक्ष बनने के लिए निलेश चौधरी पूरी ताकत से जुटे हुए थे जिनका नाम विधायक रहे जीतू जिराती ने रखा था। उन्हें आशा थी कि नियुक्ति हो जाएगी, क्योंकि नगर भाजपा में पदाधिकारी बनने से चूक गए थे। इस बार आकाश विजयवर्गीय के अड़ने की वजह से मोर्चा की कमान एक नंबर को सौंपनी पड़ गई जिसके चलते चौधरी चारों खाने चित हो गए।

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