पटना मेडिकल कॉलेज में MBBS परीक्षा रद्द, कदाचार की आशंका पर बड़ा फैसला

May 17, 2026 - 11:14
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पटना मेडिकल कॉलेज में MBBS परीक्षा रद्द, कदाचार की आशंका पर बड़ा फैसला

पटना

देश में NEET की परीक्षा रद्द होने के बाद अब पटना में एमबीबीएस की परीक्षा रद्द कर दी गई है।पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों की प्रथम आंतरिक परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसमें लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा शामिल हैं। कदाचार की आशंका को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।

परीक्षा में औषधि विभाग के करीब 200 छात्र शामिल हुए थे। इसकी सूचना पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष को दी है। साथ ही कार्रवाई के लिए मेडिकल एजुकेशन यूनिट को भी सूचित किया गया है। परीक्षा 11 और 12 मई को आयोजित की गई थी। 11 मई को लिखित परीक्षा हुई थी, जबकि 12 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की गई थी।

परीक्षा रद्द करने के साथ ही पटना मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नई तिथियां भी जारी कर दी हैं। नई तिथि के अनुसार लिखित परीक्षा 20 मई को दोपहर एक बजे से दो बजे तक आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र का पैटर्न भी कॉलेज प्रशासन ने जारी किया है। वहीं 21 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा होगी, जो सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। परीक्षा में औषधि विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है।

नीट पर्चा लीक में एनटीए की विशेषज्ञ गिरफ्तार
इधर नीट यूजी-2026 में बायोलॉजी का प्रश्नपत्र लीक कराने में लिप्त कथित मास्टरमाइंड मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा पुणे के एक कॉलेज में बॉटनी की लेक्चरर हैं। उसे एनटीए ने नीट यूजी-2026 में विशेषज्ञ बनाया था। जांच में सामने आया है कि परीक्षा के बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उसकी पूरी पहुंच थी। सीबीआई के अनुसार, बीते अप्रैल में मनीषा मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया) के जरिये नीट अभ्यर्थियों को जमा किया और उनके लिए पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कक्षाएं चलाईं। इनमें छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल बताए गए। इनमें से अधिकांश प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट यूजी के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।

मनीषा की गिरफ्तारी लातूर के शिक्षक पीवी कुलकर्णी के बाद हुई है। कुलकर्णी भी नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों में था। सीबीआई जांच में पता चला है कि केमिस्ट्री व बायोलॉजी पर्चा लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे और कुछ बिचौलियों ने लाखों में पर्चे बेचे और छात्रों को विशेष कोचिंग कक्षाओं तक पहुंचाया। वहां, परीक्षा में आने वाले सवाल बताए गए।

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